Delimitation Bill: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संविधान (131वां संशोधन) बिल लोकसभा में पास नहीं होने पर कहा कि उन्हें ओल्ड विमेन बिल लाना चाहिए, जिसे सभी पार्टियों ने पास किया था, सोमवार को तुरंत लाना चाहिए. सोमवार को संसद बुलाओ, बिल लाओ और देखते हैं कि कौन एंटी-विमेन है. हम सब आपको वोट देंगे और सपोर्ट करेंगे.
“महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहते थे”
वहीं कांग्रेस सांसद रणजीत रंजन ने संविधान (131वां संशोधन) बिल लोकसभा में पास नहीं होने पर कहा कि ये महिलाओं का बिल नहीं था महिला आरक्षण विधेयक हमने 2023 में सर्वसम्मति से पास कर दिया था आज सुना है पीएम मोदी तमिलनाडु गए हैं उन्हें तमिलनाडु की महिलाओं से माफी मांगना चाहिए कि 3 साल पहले जो पूरे विपक्ष ने मिलकर महिला आरक्षण को पास किया उसका नोटिफिकेशन आपने 16 अप्रैल 2026 में किया है और रही बात ये जो 16 से आपने विशेष सत्र बुलाया था वो महिला आरक्षण के लिए नहीं था बल्कि इसमें परिसीमन का पेज डालकर महिला आरक्षण को गिरवाना चाहते थे.
उन्होंने कहा कि वो महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहते थे. अगर आरक्षण देना चाह रहे थे तो हम तो 2023 में कह रहे थे एक तो आपने 3 साल इंतजार कराया और अब आप लेकर आए तो उसमें भी कह रहे कि पहले जनगणना होगी फिर परिसीमन होगा फिर हम आरक्षण लेकर आएंगे. आप जो डबल गेम खेल रहे थे उसका पोल महिलाओं के सामने खुल गया है.
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“सुविधा के हिसाब से डिलिमिटेशन करना चाहते हैं”
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमने पहले ही 2023 का महिला आरक्षण एक्ट बिना किसी सहमति के पास कर दिया था. अब सरकार को 2029 के चुनाव के लिए बिल को लागू करने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी होगी. महिला आरक्षण को डिलिमिटेशन से जोड़ने का उनका एजेंडा कल फेल हो गया. क्योंकि वे अपनी सुविधा के हिसाब से डिलिमिटेशन करना चाहते हैं.



