Delimitation Bill: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने संविधान (131वां संशोधन) बिल लोकसभा में पास नहीं होने पर शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम महिला विरोधी नहीं हैं, और हम लंबे समय से एक-तिहाई महिला आरक्षण के लिए काम कर रहे हैं. हमने 2023 के संशोधन का एकमत से समर्थन किया और उसे पास किया. लेकिन उसकी आड़ में उन्होंने एक और संशोधन पेश किया उसमें एक डिलिमिटेशन क्लॉज़ डाल दिया, इस तरह महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन बिल को एक कर दिया.
“एग्जीक्यूटिव पावर अपने हाथों में लेना है”
खरगे (Mallikarjun Kharge) ने आगे कहा कि इन बिलों को एक साथ लाकर, वे सत्ता हासिल करना चाहते थे ताकि आगे कोई भी डिलिमिटेशन कानून सदन में सिंपल मेजॉरिटी से पास और बदला जा सके. आपको यह 543 सदस्यों के अंदर करना चाहिए. अगली जनगणना या जाति जनगणना पूरी होने के बाद, आप इसे अगले चुनाव में पूरा कर सकते हैं. आपका इरादा संविधान के ढांचे को बदलना और एग्जीक्यूटिव पावर अपने हाथों में लेना है.
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“BJP साजिश को समझा और लोकतंत्र को बचा लिया”
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी (Promod Tiwari) ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्ष के सारे नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की साजिश को समझा और लोकतंत्र को बचा लिया. मैं चुनौती देता हूं भाजपा झूठ न बोले महिला आरक्षण बिल तो 2023 में पारित हो चुका है. परसों आपने इसका नोटिफिकेशन क्यों जारी किया? 3 साल आप कहां सो रहे थे. महिला आरक्षण आज से होना चाहिए, अभी से शुरू करो इन विधानसभा चुनाव जो आगामी है उसमें लागू करो. महिला आरक्षण किस तरह परिवर्तित हुआ, हां जो आप इसके सहारे परिसीमन का अधिकार सरकार के हाथों में ला रहे थे वो प्रयास आपका पूरी तरीके से पराजित हुआ है भारत का लोकतंत्र बचा है.
“2029 के बाद ही आरक्षण लागू होगा”
AAP सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने संविधान संशोधन(131वां संशोधन) बिल के लोकसभा में पारित न होने पर कहा कि विपक्ष ने इस बिल को नकार कर प्रधानमंत्री मोदी की उत्तर-दक्षिण में फूट डालने की कोशिश को इस बिल को गिराकर नाकाम किया. 2023 के बिल में साफ़-साफ़ कहा गया था कि पहले जनगणना होगी, फिर परिसीमन होगा और 2029 के बाद ही आरक्षण लागू होगा. हमने 543 सीटों पर तुरंत 33% आरक्षण की मांग की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. आज, एक बार फिर, वही मांग दोहराई जा रही है.



