LPG Gas Supply in India:ईरान-अमेरिका जंग के बाद भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ा है. अब एक सरकारी अधिकारी के हवाले से जानकारी सामने आई है कि लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने में करीब 3 से 4 साल का समय लग सकता है. हालांकि सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि घरेलू जरूरतों पर इसका असर कम से कम पड़े और एलपीजी, पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति बाधित न हो.
सरकार की प्राथमिकता: घर-घर गैस पहुंचाना
एक वरिष्ठ अधिकारी ने अंग्रेजी वेबसाइट मनी कंट्रोल से बातचीत में बताया कि फिलहाल सरकार का पूरा फोकस एलपीजी और क्रूड ऑयल की सप्लाई को बनाए रखने पर है. संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर घर तक गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. अगर कहीं कमी की स्थिति बनती है तो उसे तुरंत दूर करने की कोशिश की जा रही है.
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बंद हुए अहम सप्लाई स्रोत
अधिकारी के मुताबिक, इस संकट की बड़ी वजह कुछ महत्वपूर्ण सप्लाई स्रोतों का बंद होना है. उन्होंने कहा कि प्रभावित सप्लायर्स से लगातार संपर्क किया जा रहा है और उन्हीं के इनपुट के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि सप्लाई को सामान्य होने में लंबा समय लग सकता है. हालांकि यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि स्रोत पूरी तरह खत्म हो गए हैं या उत्पादन अस्थायी रूप से रुका है, लेकिन सप्लायर्स का मानना है कि स्थिति सुधारने में कम से कम तीन साल लगेंगे.
होर्मुज विवाद से बढ़ी चिंता
27 फरवरी को शुरू हुए ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के बाद से स्थिति और जटिल हो गई है. भले ही ईरान में सीजफायर लागू हो चुका है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद सप्लाई के लिए बड़ा जोखिम बना हुआ है. भारत को लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी इसी मार्ग से मिलती है, ऐसे में वहां की अस्थिरता का सीधा असर देश की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है.



