Middle East war:भारत के झंडे वाला जहाज़ ग्रीन आशा होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर गया है. 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से यह नौवां भारत का झंडा वाला जहाज़ है जो होर्मुज की खाड़ी को पार कर गया है. ग्रीन आशा पर लगभग 20 हजार टन एलपीजी होने का अनुमान है. इससे पहले भारतीय जहाज ग्रीन सांवरी ने शुक्रवार रात को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार किया था. इस जहाज में लगभग 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी का कार्गो लदा था. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की मौजूदा स्थिति पर भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के एम्बेसडर डॉ. मोहम्मद फतहली की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि ईरान ने भारत समेत दोस्त देशों से आने वाले जहाजों के सुरक्षित आने-जाने को पक्का करने के लिए खास कदम उठाए हैं.
“सेफ्टी और सिक्योरिटी की अहमियत पर ज़ोर दिया”
मोहम्मद फतहली ने आगे कहा कि इसी फ्रेमवर्क के तहत, हाल के दिनों में, कई भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजरे हैं, जो दोस्त देशों के लिए समुद्री सुरक्षा पक्का करने के ईरान के प्रैक्टिकल कमिटमेंट को दिखाता है. ईरान ने हमेशा इंटरनेशनल शिपिंग रूट्स में सेफ्टी और सिक्योरिटी की अहमियत पर ज़ोर दिया है. हालांकि, यह ध्यान देना चाहिए कि होर्मुज स्ट्रेट इंटरनेशनल पानी का हिस्सा नहीं है. बल्कि, यह ईरान और ओमान के इलाके और अंदरूनी पानी में है.
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“ईरान के प्रैक्टिकल कमिटमेंट को दिखाता है”
उन्होंने बताया कि अभी, यह स्ट्रेट सिर्फ़ उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के साथ लड़ाई में हैं. फिर भी, ईरान ने भारत समेत दोस्त देशों के जहाजों के सुरक्षित आने-जाने को पक्का करने के लिए खास कदम उठाए हैं. इसी फ्रेमवर्क के तहत, हाल के दिनों में, कई भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुज़रे हैं, जो दोस्त देशों के लिए समुद्री सुरक्षा पक्का करने के ईरान के प्रैक्टिकल कमिटमेंट को दिखाता है.



