world news: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्प पर विचार कर रहे हैं। दो दिन पहले तक अमेरिका और ईरान के बीच मामला शांत होता दिखाई दे रहा था क्योंकि अमेरिका का ध्यान ग्रीनलैंड की तरफ था।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने ऐसे सैन्य विकल्पों की मांग की है, जिनका असर ‘निर्णायक’ हो। रक्षा मंत्रालय पेंटागन और व्हाइट हाउस ने इन पर काम करना शुरू कर दिया है। इनमें ईरानी शासन को सत्ता से हटाने की योजना भी शामिल है।
दूसरी तरफ आज अमेरिकी जंगी बेड़ा अब्राहम लिंकन भी मिडिल ईस्ट पहुंच सकता है। इसके चलते आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका कोई अचानक सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
अमेरिकी गतिविधियों के जवाब में ईरानी सुप्रीम काउंसिल के जावेद अकबरी ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सभी सैन्य अड्डे ईरान के निशाने पर हैं। हमारी मिसाइलें आदेश के इंतजार में दुश्मन पर गरजने को तैयार हैं।
कई शहर अब्राहम लिंकन के स्ट्राइक रेंज में
राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी जंगी जहाज अब्राहम लिंकन अरब सागर में ईरान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ईरान के कई शहर इसकी स्ट्राइक रेंज में हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अरब सागर में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जोन में आ चुका है। साथ ही अमेरिका का ब् 37-ठ एयरक्राफ्ट भी ईरान के उत्तर में तुर्कमेनिस्तान के अशगाबाद बेस पहुंच गया है।
जंगी जहाज अब्राहम लिंकन पहले साउथ चाइना सी में तैनात था। 18 जनवरी को यह मलक्का स्ट्रेट पार कर हिंद महासागर में दाखिल हुआ।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक जंगी जहाज अब्राहम लिंकन 20 नॉट से ज्यादा की रफ्तार से आगे बढ़ा और बाद में अपनी लोकेशन छिपाने के लिए ऑटोमैटिक पहचान सिस्टम बंद कर दिया। इसी रफ्तार से चलने पर आज मिडिल ईस्ट में पहुंच सकता है।
जंगी जहाज अब्राहम लिंकन के साथ कई डिस्ट्रॉयर जहाज और न्यूक्लियर पनडुब्बियां भी चल रही हैं। एयरक्राफ्ट कैरियर पर 48 से 60 थ्/।-18 फाइटर जेट मौजूद हैं। ये बिना ईंधन भरे 2300 किलोमीटर दूर तक हमला कर सकते हैं।
जॉर्डन में फाइटर जेट्स तैनात किए
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एयरफोर्स ने जॉर्डन में कम से कम 12 -15 फाइटर जेट्स तैनात किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि और विमान भी रास्ते में हैं।
20 से 22 जनवरी के बीच अमेरिकी B-17 सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान कई बार जॉर्डन के मफराक अल-खवाजा एयरबेस पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक इन विमानों से पैट्रियट-3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम लाए गए हैं।
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इनका मकसद इजराइल को ईरान की जवाबी कार्रवाई से बचाना है, क्योंकि तेहरान पहले ही बदले की धमकी दे चुका है।
इसके अलावा हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर लगातार कार्गाे विमान उतर रहे हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका संभावित सैन्य ऑपरेशन के लिए रसद और सैनिकों की तैनाती कर रहा है।
एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त एयर-डिफेंस सिस्टम तैनात करने पर भी विचार चल रहा है, ताकि इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान के संभावित हमले से बचाया जा सके।
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