Stock market: शुक्रवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए मुश्किल भरा रहा। सुबह बाजार ने तेजी के साथ शुरुआत की, लेकिन जल्दी ही सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा गिर गया और निफ्टी 25,066 के स्तर से नीचे फिसल गया। इस गिरावट के कारण निवेशकों की करीब 6 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति कम हो गई। शुरुआती दौर में एशियाई बाजारों की तेजी और भू-राजनीतिक स्थिति ने थोड़ी राहत दी, लेकिन यह ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बाजार पर असर
बाजार की इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली है। जनवरी महीने में विदेशी निवेशकों ने केवल एक बार शेयर खरीदे, बाकी सभी दिनों में उन्होंने लगातार बिकवाली की। विशेषज्ञों के अनुसार, अब सबकी निगाहें 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट और भारत की कंपनियों के तिमाही नतीजों (Corporate Earnings) पर टिकी हैं। विदेशी निवेशक तभी लौटेंगे जब कंपनियों की आय बढ़ेगी।
रुपया कमजोर और घरेलू संपत्तियों पर दबाव
शेयर बाजार की गिरावट को और बढ़ावा मिला भारतीय रुपये की कमजोरी से। रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर को छू लिया और 91.77 तक गिर गया। डॉलर की बढ़ती मांग और रुपया कमजोर होने से विदेशी निवेशकों में घबराहट बढ़ती है और वे अपने निवेश को निकालने लगते हैं। इस कारण बाजार पर दबाव लगातार बना हुआ है।



