Iran: Hormuz स्ट्रेट को पार करके एक और एलपीजी टैंकर सुरक्षित रुप से भारत के गुजरात कांडला पोर्ट पहुंच गया है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर ‘सिमी’ 20 हजार टन एलपीजी लेकर आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 15 एलपीजी जहाज भारत पहुंच चुके हैं। टैंकर ‘सिमी’ ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार किया था। जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में भारतीय नौसेना समेत कई एजेंसियां मदद कर रही हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत में कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा। अराघची ने कहा कि दोस्त देशों को व्यापारिक सुरक्षा के लिए ईरान पर भरोसा हो सकता है। वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी।
UAE के पावर प्लांट में आग लगी
रिपोर्ट के मुताबिक यूएई के अल-धफरा क्षेत्र स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट अरब दुनिया का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र माना जाता है। यह यूएई की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करता है। हालांकि हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन या देश ने नहीं ली है। अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक हमले में एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने कहा कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ और परमाणु सुरक्षा या रेडिएशन स्तर पर कोई असर नहीं पड़ा है।
आग पर काबू पाया
मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी सुरक्षा घेरे के बाहर स्थित एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लगी। शुरुआती जांच में आग की वजह ड्रोन हमला बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है और संयंत्र के संचालन पर किसी तरह का गंभीर असर नहीं पड़ा। यूएई प्रशासन ने कहा कि घटना के बावजूद रेडियोलॉजिकल सेफ्टी लेवल सामान्य हैं और जनता के लिए कोई खतरा नहीं है।
ईरानी संसद के स्पीकर को चीन मामलों की जिम्मेदारी
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को चीन मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त किया गया है। मीडिया के मुताबिक वे अब ईरान और चीन के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। हाल के महीनों में गालिबाफ अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर हुई बातचीत में भी प्रमुख वार्ताकार के तौर पर उभरे हैं। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने रविवार को “सूत्रों” के हवाले से बताया कि गालिबाफ को “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के चीन मामलों के विशेष प्रतिनिधि” की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि वे ईरान-चीन संबंधों के अलग-अलग क्षेत्रों में समन्वय का काम करेंगे।
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