KBP Times

ओक की लकड़ी से बनीं झील में पांच हजार साल पुरानी डूबी हुई नावें मिली

Oak boat

Tech news : ओक की लकड़ी से बनीं  उत्तरी अमरीका में वैज्ञानिकों को पानी के नीचे प्राचीन लकड़ियों की नौकाएं मिली हैं। ये नौकाएं मेंडोटा झील की तलहटी में पड़ी थीं। यह नाव इतनी पुरानी है जिसके आगे मिस्र के पिरामिड भी नए हैं। हैरान करने वाली बात यह थी कि इस नाव को ऐसी लकड़ी से बनाया गया था जो पानी को बहुत जल्दी सोखने लगती है। ऐसे में नाव कैसे तैरी होगी, इस बात ने वैज्ञानिकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ये नाव पुरानी मानव सभ्यता के बारे में कुछ हैरान करने वाले खुलासे करती है। आइए जानते हैं विस्तार से।

नावें बताती हैं कि उस जमाने के लोग इन्हें कई कामों में इस्तेमाल करते थे। इन्हें सामान ढोने में उपयोग किया जाता था। एक जगह से दूसरी जगह जाने में इनको इस्तेमाल किया जाता था। पता चलता है कि इन बड़ी झीलों के पास रहने वाली मानव सभ्यताओं के पास कमाल का कौशल था।

मिस्र के पिरामिड से भी पुरानी

शोधकर्ताओं को ओक की लकड़ी से बनीं कुल 16 प्राचीन नावें मिली हैं। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि इन नावों में सबसे पुरानी नाव उस समय की है जब मिस्र में गीज़ा का महान पिरामिड भी अस्तित्व में नहीं था। पहली नाव 2021 में मिली थी जो 1200 साल पुरानी है। फिर 2022 में 3000 साल पुरानी नाव मिली। इस तरह से वैज्ञानिकों ने 2025 में 14 अन्य नावें भी खोजीं।

खोजों से संकेत मिलता है कि हजारों साल पहले इन महान झीलों के क्षेत्र में एक उन्नत सभ्यता मौजूद रही होगी। यहां के लोगों के पास मजबूत और टिकाऊ जहाज बनाने की अच्छी समझ और तकनीकी जानकारी थी। नावों का उपयोग आसपास के प्राकृतिक संसाधनों तक पहुँचने के लिए भी किया जाता रहा होगा। कुछ नावों में मछली पकड़ने के जाल के वजन भी पाए गए। इससे पता चलता है कि इनका उपयोग मछली पकड़ने के लिए भी किया जाता था। सबसे पुरानी नाव लगभग 5200 साल पुरानी है, जबकि सबसे नई नाव 700 वर्ष पुरानी बताई जाती है।

5200 साल पुरानी नाव को झील क्षेत्र में पाई गई सबसे पुरानी खोखली डोंगी और पूर्वी उत्तरी अमेरिका की तीसरी सबसे पुरानी नाव माना जाता है। शोधकर्ताओं को कुल 16 नावें मिलीं हैं जिनमें से आठ लाल या सफेद ओक की लकड़ी से बनी थीं। इस खोज ने शोधकर्ताओं को हैरान कर दिया है, क्योंकि लाल ओक को आमतौर पर नाव निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है, क्योंकि यह पानी को जल्दी सोख लेता है।

यह भी पढ़ें: “BLO बोला– नाम काटने के पैसे मिलते हैं!” जयपुर में वोटर लिस्ट घोटाले का बड़ा खुलासा

ओक की लकड़ी का उपयोग

एक सिद्धांत कहता है कि ओक की लकड़ी में टाइलोसिस नामक संरचनाएं विकसित हो सकती हैं, जो लकड़ी के भीतर पानी के प्रवाह को प्रतिबंधित करती हैं। ये संरचनाएं तब बनती हैं जब पेड़ किसी प्रकार के तनाव से गुजरता है, जैसे कि चोट, संक्रमण या बुढ़ापा। लकड़ी के भीतर जल संचार को सीमित करके टाइलोस कवक और जीवाणुओं की वृद्धि को भी कम करते हैं। इससे लकड़ी की जल प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, उसका तैरना बेहतर होता है और सड़न से भी बचाव होता है।

शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि उस समय के ये लोग जानबूझकर खराब हो चुके पेड़ों को नाव बनाने के लिए चुनते थे। या फिर ये उनके विकास काल के दौरान उन्हें जानबूझकर नुकसान पहुंचाते थे ताकि टाइलोसिस (एक प्रकार का जंग) का निर्माण हो सके। इससे यह पता चलता है कि प्राचीन समाज प्राकृतिक संसाधनों का अपने उपयोग के लिए किस प्रकार से ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाते थे।

यह भी देखें : AiMOGA Robotics, चीन ने चौराहों पर खड़ी कर दी रोबोट पुलिस

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

America-Iran war

बमों की आवाजों के साथ ईरान में हुई सुबह, अमेरिका ने 5 शहरों पर बम बरसाए

CJP Protest

कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन 33वें दिन भी जारी, बंगाल से 2 हजार CRPF जवान एयरलिफ्ट, 16 मेट्रो स्टेशन बंद

Women Reservation

महिला आरक्षण लागू करने की मांग पर दिल्ली में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, ओबीसी महिलाओं को शामिल करने की उठी मांग

Rahul gandhi protest

कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक, PM आवास के पास राहुल, प्रियंका और अखिलेश को हिरासत, धरना खत्म

Alone in home

सभी तो हैं घर में, फिर भी अकेलापन ? जानें वजह

Tourism

जापान में गूंजा राजस्थान का पर्यटन, टोक्यो में विरासत और संस्कृति का भव्य प्रदर्शन

Food Plat

दाल-चावल, रोटी-सब्जी की थाली पूरा नहीं करती प्रोटीन की जरुरत, ये चीजें खाएं

Farmers Protest

अभी दिल्ली नहीं जाएंगे किसान, शंभू बॉर्डर पहुंचे हरियाणा के कृषि मंत्री, 2 मांगों पर बनी सहमति

Bollywood Actor and Actress

कॉकरोच पार्टी के आंदोलन का बॉलीवुड सितारों में कहीं समर्थन तो कहीं विरोध

2

2