Teachers Day : शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 स्कूल टीचर्स को राष्ट्रीय पुरस्कार देंगी। राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों से टीचर्स चुने गए है। पीएम मोदी ने शनिवार को टीचर्स डे पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त 48 शिक्षकों से मुलाकात कर बातचीत की।
कॉन्फिडेंस कैसे आएगा
शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए पीएम मोदी ने एक महिला टीचर से पूछा कि, आप बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाती हैं। अगर मैं आपके यहां का स्टूडेंट हूं और मुझे एक अच्छा स्पीकर बनना है तो मुझे टिप्स दीजिए कि मुझे क्या-क्या करना चाहिए। इस पर टीचर ने जवाब दिया कि आपको सबसे पहले कॉन्फिडेंस दिखना चाहिए। इस पर पीएम ने हंसते हुए कहा कि तो आखिर ये कॉन्फिडेंस कैसे आएगा। टीचर्स ने कहा कि इसकी प्रैक्टिस करनी होती है।
स्क्रीन टाइम एक तरह से लत बन गया
पीएम मोदी ने कहा कि स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बन गया है। मेरे मन में एक विचार आता है। अगर कोई बच्चा खेलों में गहरी रुचि लेना शुरू कर दे और खेल से मेरा मतलब वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान पर जाकर वास्तविक खेल खेलने से है तो धीरे-धीरे वह इस लत से बाहर निकल सकता है।
बच्चों के प्रति जागरुक रहने की जरुरत
जो कुछ बड़े शहरों या विश्वविद्यालयों में सामने आया है। वहां अक्सर जागरूकता की कमी होती है। कभी-कभी नियम बिना किसी स्पष्टीकरण के ही लागू कर दिए जाते हैं। आज शिक्षकों को इससे जुड़े प्रभावों और बच्चों के मन में पैदा होने वाली आशंकाओं के प्रति लगातार जागरूक रहने की जरूरत है और यह देखना चाहिए कि क्या ऐसे कदम बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव ला रहे हैं।
कांग्रेस बच्चों की टॉफी पर भी टैक्स लेती थी
पीएम मोदी ने पिछले साल टीचर्स डे से एक दिन पहले दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 45 शिक्षकों से मुलाकात की थी। मोदी ने करीब 35 मिनट तक संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने जीएसटी में सुधार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कानून और आत्मनिर्भर भारत पर चर्चा की।
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