Technology : स्टारलिंक सैटेलाइट सिस्टम को वन क्लिक स्विच से बंद किया जा सकता है तकनीक से किसी भी देश में वहां की सरकार चाहे तो इंटरनेट बंद कर सकती है। ऐसा ही ईरान सरकार ने किया है। स्टारलिंक सैटेलाइट सर्विस को चंद मिनट में बंद कर दिया। ईरान में रेगुलर नेटवर्क तो पहले ही बंद कर दिया गया था अब इसके बाद ईरानी सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस पर भी लगाम लगाई है। दरअसल सरकार ने तकनीक से ‘किल स्विच’ स्ट्रेटेजी अपनाते हुए स्टारलिंक को भी कुछ ही पलों में इनएक्टिव कर दिया। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
‘किल स्विच’ से कैसे बंद हो गया स्टारलिंक ?
इसे आसान शब्दों में समझें तो ईरान ने सीधे स्टारलिंक के सर्वर को नहीं, बल्कि उसके काम करने के तरीके को ही अपना टारगेट बना लिया। जिसके बाद स्टारलिंक यूजर टर्मिनल और सैटेलाइट के बीच जीपीएस बेस्ड लोकेशन और फ्रीक्वेंसी सिग्नल के जरिए कनेक्शन नहीं बना पाए। ईरानी एजेंसियों ने इन्हीं सिग्नल्स को जाम कर दिया, जिससे टर्मिनल सैटेलाइट से कनेक्ट ही नहीं हो पाए। इस प्रोसेस में न तो तार काटे गए और न ही किसी टावर को गिराए गया, सिर्फ एक डिजिटल ‘स्विच’ ऑन किया गया और सैटेलाइट इंटरनेट पूरी तरह से ठप पड़ गया।
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पूरी कनेक्टिविटी एक क्लिक में कैसे रुकी?
जानकारी के अनुसार, सरकार ने पहले मोबाइल डेटा, ब्रॉडबैंड और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद जब लोग स्टारलिंक की ओर शिफ्ट होने लगे तो स्पेक्ट्रम कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर टूल्स का इस्तेमाल करके सैटेलाइट लिंक को ब्लॉक किया गया।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी कारण इसे ‘वन-क्लिक किल स्विच’ कहा जा रहा है, क्योंकि सेंट्रल सिस्टम से पूरे एरिया में एक साथ इंटरनेट ब्लॉक किया जा सकता है।
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स्टारलिंक कैसे बढ़ा सकता था सरकार की मुश्किल?
स्टारलिंक, जो स्पेस एक्स की सर्विस है, जमीन पर मौजूद नेटवर्क पर डिपेंड नहीं है। यही वजह है कि प्रदर्शनकारी इसे सेंसरशिप से बचने का आखिरी रास्ता मान रहे थे लेकिन स्टारलिंका को ब्लॉक करने के बाद प्रदर्शनकारियों का न सिर्फ आपसी में कांटेक्ट टूट गया, बल्कि इंटरनेशनल मीडिया तक जानकारी पहुंचना भी काफी ज्यादा मुश्किल हो गया।



