Avimukteshwaranand News: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक बार फिर बड़े विवाद में घिर गए हैं। इस बार उन पर उनके शिविर और गुरुकुल में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण (बाल उत्पीड़न) के गंभीर आरोप लगे हैं। ये आरोप जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य और श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने लगाए हैं।आशुतोष ब्रह्मचारी ने 8 फरवरी 2026 को प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट में शिकायत (वाद) दायर की। उन्होंने दावा किया कि गुरुकुल और शिविर की आड़ में बच्चों का यौन शोषण किया जा रहा है। आरोपों के समर्थन में उन्होंने 2 नाबालिग बच्चों को भी कोर्ट में पेश किया।
मुख्य आरोप क्या हैं?
- शिविर और गुरुकुल में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण और बाल उत्पीड़न।
- बच्चों को ‘गुरु-सेवा’ के नाम पर कुकर्म के लिए मजबूर किया जाना।
- अवैध गतिविधियों में संलिप्तता।
- आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप।
- कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 20 बच्चों तक का शोषण हुआ है।
कोर्ट में क्या हुआ?
- 8 फरवरी: आशुतोष ब्रह्मचारी ने POCSO एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई।
- कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी किया।
- 10 फरवरी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील ने लिखित जवाब दाखिल किया। उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताया। POCSO एक्ट की धारा 22 का हवाला देते हुए कहा कि ये झूठे आरोप हैं।
- कोर्ट ने दोनों पक्षों को 20 फरवरी 2026 को पेश होने का आदेश दिया। सुनवाई के बाद जज FIR दर्ज करने, जांच के आदेश देने या वाद को रद्द करने का फैसला कर सकते हैं।
- प्रयागराज पुलिस को कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच शुरू करने का निर्देश मिला है।
अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इसे साजिश और विरोधियों का घटिया कार्टेल बताया। कहा कि जब कुछ नहीं बचा तो नीच आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने रामभद्राचार्य और उनके शिष्यों पर निशाना साधा। साथ ही कहा कि कोर्ट में सब साबित हो जाएगा।



