Cockroach Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी को जयपुर में प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है. CJP का 15 जून को NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है.लेकिन जयपुर पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पहले अनुमति देने से इनकार कर दिया था. रविवार को जयुपर कमिश्ररेट में डीसीपी साउथ और पार्टी प्रवक्ताओं के बीच करीब 2 घंटे तक चली बैठक के बाद पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति दी है. कल सोमवार को CJP फाउंडर अभिजीत दीपके दोपहर 3 बजे गवर्नमेंट हॉस्टल स्थित शहीद स्मारक पर शामिल होने के लिए जयपुर पहुंचेंगे. इससे पहले CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों से 15 जून को शहीद स्मारक पर पहुंचने की अपील की थी.
पहले प्रदर्शन की अनुमति देने की क्या बताई थी वजह?
पुलिस उपायुक्त(साउथ) जयपुर कार्यालय की ओर से जारी आदेश में बताया गया था कि कॉकरोच जनता पार्टी ने 15 जून को शहीद स्मारक, गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे के पास धरना प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी. आवेदन की जांच के बाद सामने आए तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर कानून व्यवस्था की दृष्टि से प्रदर्शन की अनुमति देना संभव नहीं पाया गया. जिसकी वजह से अनुमति के आवेदन को रद्द कर दिया गया.
अनुमति न मिलने पर पार्टी ने जताई थी नाराजगी
कॉकरोच जनता पार्टी राजस्थान इकाई के मीडिया इंचार्ज अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि हमने प्रशासन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी. लेकिन कई प्रयासों के बावजूद हमें मंजूरी नहीं मिली. हमारी पार्टी ने दिल्ली, पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित कई शहरों में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया. कहीं भी कानून व्यवस्था बिगड़ी नहीं.
कौन है अभिजीत दिपके?
30 वर्षीय अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्टैटेजिस्ट हैं. उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.फिलहाल वे अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स कर रहे हैं. 2020 से लेकर 2022 तक अभिजीत आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्टैटेजिस्ट रहे हैं. एक इंटरव्यू के दौरान अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था. एडमिशन मिलने के बाद वे अमेरिका में शिफ्ट हो गए. कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी.यह नाम उस टिप्पणी के बाद चर्चा में आया, जिसमें कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से किए जाने का विवाद खड़ा हुआ था.इसके बाद सोशल मीडिया पर बना यह अभियान तेजी से लोकप्रिय हुआ. 4 दिन में ही इसके फॉलोअर्स की संख्या बीजेपी और कांग्रेस से भी अधिक हो गई.
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