Petrol-Diesel Price Hike: जयपुर में आज (26 मई) ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार को घेरा. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष यही मांग कर रहा है कि सरकार देशवासियों को बताए कि स्थिति क्या है, हमारी यह मजबूरी है और आने वाले समय में यह कदम उठाने पड़ सकते हैं. अभी तो सिर्फ पीएम मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया है कि क्या-क्या कदम उठाने हैं. उसके बाद भी नाटक हुआ सब मुख्यमंत्रियों का. जिन राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं वहां मंत्री को रिक्शा में गए तो कोई पैदल तो कोई इलेक्ट्रिक वैन में गए. तमाशा हो रहा है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. तमाशे से जनता में कोई मैसेज नहीं जाता. अगर आप हकीकत में कुछ करते हैं तो उसका सीधा मैसेज गले के अंदर उतरता है.
“अब खुल के कहो ये हमारी मजबूरी है”
अशोक गहलोत ने आगे कहा कि कल पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ा दिए गए, आज LPG के रेट बढ़ाए गए हैं. ये क्या मजाक है. अब खुल के कहो ये हमारी मजबूरी है तो लोग उस बात को समझेंगे. वो भी समझेंगे कि नेता विपक्ष का सम्मान किया है. उन्होंने जो मांग की उसका जवाब केंद्र सरकार ने दिया है. लेकिन ये ऐसे काम कर रहे हैं जिससे लोगों में गलतफहमी पैदा हो, लोग समझ नहीं पा रहे कि अब कल कितना बढ़ेगा. लोग चिंता और तकलीफ से गुजर रहे हैं. पेट्रोल पंपों पर लाइनें लगी है लेकिन वो स्वीकार नहीं कर रहे हैं. पेट्रोल पंप वाले कहते हैं कि एक हजार का पेट्रोल लो, लेकिन कोई कोटा, जोधपुर, भरतपुर से जयपुर आएगा तो क्या रास्ते में तीन बार रूककर उसे पेट्रोल भरवाना पड़ेगा. लोग दुखी है पेट्रोल-डीजल मिल नहीं रहा, LPG नहीं मिल रहा, हमारे पास लगातार ऐसी खबरें आ रही है. लेकिन भारत सरकार स्थिति को स्पष्ट क्यों नहीं कर रही. LPG के डिस्ट्रीब्यूटर और पेट्रोल पंप के मालिक है उनको भी जनता के गुस्से का सामना करना पड़ता है. जबकि गलती केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की है.
“सबसे ज्यादा महंगा डीजल-पेट्रोल राजस्थान में है”
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि विपक्ष में रहते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने की मांग करते थे पर सरकार में आकर उन्होंने देश का सबसे ज्यादा महंगा डीजल-पेट्रोल राजस्थान में है. कम से कम अपने गृह जिले भरतपुर के लोगों पर ही तरस खाकर पूरे राज्य में वैट घटा दीजिए मुख्यमंत्री. केन्द्र सरकार द्वारा डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाने से राज्य सरकार का वैट से मिलने वाला राजस्व स्वत बढ़ा है. इस मंहगाई के दौर में वैट कम कर आमजन को राहत देनी चाहिए.



