Rajasthan University: राजस्थान विश्वविद्यालय में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर आयोजित होने वाली संगोष्ठी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। NSUI का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले कार्यक्रम के लिए अनुमति दे दी थी, लेकिन देर रात अचानक उसे रद्द कर दिया गया। इस फैसले को पक्षपातपूर्ण बताते हुए NSUI ने कार्यक्रम को कुलपति आवास के बाहर आयोजित करने का फैसला लिया।
कुलपति आवास के बाहर आयोजन
NSUI ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए। अनुमति नहीं मिलने पर संगोष्ठी कुलपति आवास के बाहर आयोजित की गई इस संगोष्ठि में मुख्य अतिथि चोमू विधायक डॉ शिखा मील बराला भी शामिल रहीं। इसके अलावा कई छात्र नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे। NSUI ने स्पष्ट कहा है कि वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।
NSUI के आरोप
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, उन्होंने 9 अप्रैल 2026 को सीनेट हॉल में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आवेदन किया था और 10 अप्रैल को अनुमति भी मिल गई थी,लेकिन उसी दिन देर रात प्रशासन ने अनुमति रद्द कर दी। NSUI का आरोप है कि कुलपति और अन्य जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जिससे छात्रों में गुस्सा बढ़ गया है।
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अन्य संगठनों पर सवाल
NSUI ने यह भी आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय (Rajasthan University) में RSS और ABVP के कार्यक्रम बिना अनुमति के आयोजित हो रहे हैं, लेकिन उनके कार्यक्रम को रोका जा रहा है। संगठन ने पहले महात्मा ज्योतिबा फुले को राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम से हटाने के विवाद का भी जिक्र किया और कहा कि इससे यह मामला और संवेदनशील हो गया है।NSUI का कहना है कि यह घटना विश्वविद्यालय प्रशासन की पक्षपातपूर्ण नीति को उजागर करती है और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।



