Neeraj Dangi : कांग्रेस ने राज्यसभा में अपनी संसदीय टीम में बड़ा बदलाव करते हुए राजस्थान से राज्यसभा सांसद नीरज डांगी को पार्टी का नया व्हिप यानी सचेतक नियुक्त किया है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। राज्यसभा में कांग्रेस के व्हिप का पद रजनी अशोकराव पाटिल के रिटायर होने के बाद खाली हुआ था। कांग्रेस संसदीय दल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, नीरज डांगी अब राज्यसभा में पार्टी के सचेतक की जिम्मेदारी संभालेंगे। कांग्रेस के राज्यसभा में मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने भी उनकी नियुक्ति से जुड़ी जानकारी साझा की है।
राज्यसभा में क्या होगी नीरज डांगी की जिम्मेदारी?
नई जिम्मेदारी के तहत नीरज डांगी राज्यसभा में कांग्रेस सांसदों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। सदन में महत्वपूर्ण अवसरों पर पार्टी सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करना और पार्टी की रणनीति के अनुरूप मतदान के लिए समन्वय करना भी उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा। इसके साथ ही राज्यसभा में कांग्रेस से जुड़े विभिन्न संसदीय कार्यों के संचालन और समन्वय में भी डांगी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उनकी नियुक्ति को संसद में कांग्रेस की रणनीतिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से सक्रिय हैं डांगी
नीरज डांगी राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से सक्रिय हैं और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। दलित और अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को उठाने के कारण भी उन्होंने पार्टी में अपनी अलग पहचान बनाई है। संगठन में उनकी सक्रियता और लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा में सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी है। राजस्थान की राजनीति में नीरज डांगी को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है। राज्यसभा में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद राजस्थान कांग्रेस में भी उनका राजनीतिक कद बढ़ने की चर्चा है। डांगी वर्ष 2020 में राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। इसके बाद से वह संसद में राजस्थान और पार्टी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।
राजनीतिक परिवार से आते हैं नीरज डांगी
नीरज डांगी का जन्म 4 नवंबर 1970 को जयपुर में हुआ। वह राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय दिनेश राय डांगी राजस्थान सरकार में राज्य मंत्री रहे थे और दलित समाज के उत्थान से जुड़े कार्यों के लिए जाने जाते थे। पिता से प्रेरणा लेकर नीरज डांगी ने छात्र जीवन से ही सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रियता शुरू कर दी थी। नीरज डांगी ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कर्नाटक के सुरथकल परिसर से सिविल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा हासिल करने के बावजूद उन्होंने निजी क्षेत्र के बजाय सक्रिय राजनीति को अपना करियर बनाया। वर्ष 2002 में वह राजस्थान युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने। इसके बाद 2004 से 2009 तक उन्होंने राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान युवाओं को पार्टी से जोड़ने और कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में वह सक्रिय रहे।
नई जिम्मेदारी से बढ़ा राजस्थान के नेता का कद
राज्यसभा में कांग्रेस का सचेतक बनाए जाने के बाद नीरज डांगी की जिम्मेदारी अब राष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ गई है। संसद में पार्टी सांसदों के बीच समन्वय से लेकर महत्वपूर्ण विधायी मामलों में कांग्रेस की रणनीति को लागू कराने तक उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। राजस्थान से आने वाले डांगी को यह जिम्मेदारी मिलने को प्रदेश कांग्रेस के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का यह फैसला संगठन और संसदीय कामकाज में उनके अनुभव पर जताए गए भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।
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