Jaipur: ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से बेहतर सड़कों के माध्यम से जोडने पर राज्य सरकार का ध्यान गया है। यह अलग बात है कि शहरों में सड़कों की हालत बहुत खराब है जिन पर बडे बडे गड्ढे होने से चलना भी मुश्किल है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार का सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के प्रथम फेज में 2089 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 1216 नई सड़कें बनाएगा साथ ही एक पुल का भी निर्माण होगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना दरअसल केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे साल 2000 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की सड़कों से जोड़ना है।
इन कार्यों के तहत 28 जिलों में 3219 किलोमीटर लंबाई की नई सड़कें बनेंगी।
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इन कार्यों की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की है। स्वीकृति के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है, जिससे सडकों के मामले में कम से कम ग्रामीण विकास को तो नई गति मिलेगी। नई सड़कें बनने से दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही ग्रामीण आबादी को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
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28 जिलों में नई सड़कें बनाने की योजना
28 जिलों में नई सड़कें बनाने की योजना के अनुसार अजमेर, अलवर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, जोधपुर, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, पाली, फलौदी, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सीकर, सिरोही, श्रीगंगानगर, उदयपुर में सड़कें बनाई जाएंगी। वहीं प्रतापगढ़ में 6 करोड़ 72 लाख की लागत से 100 मीटर लंबाई के पुल का निर्माण किया जाएगा।
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तीन चरणों में बनी 75,000 किलोमीटर से अधिक सड़क
2025 तक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीन चरणों के तहत सरकारी सार्वजनिक निर्माण विभाग ने करीब 75,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया है।



