KBP Times

महमूदाबाद मामले में राहत के संकेत, सुप्रीम कोर्ट ने कहा– जिम्मेदारी से रखें अपनी बात

महमूदाबाद मामले में राहत के संकेत

अशोका यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर और पॉलिटिकल साइंस विभाग के प्रमुख प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज केस को लेकर बड़ी राहत के संकेत मिले हैं। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि हरियाणा सरकार ने अब तक उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की औपचारिक मंजूरी नहीं दी है, जिससे केस बंद होने की संभावना बढ़ गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ट्रायल कोर्ट को चार्जशीट पर आगे कार्रवाई करने से रोकने का आदेश बरकरार रखा है। यह आदेश उस स्थिति में दिया गया, जब हरियाणा सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि चार्जशीट तो दाखिल की गई है, लेकिन राज्य सरकार से अभियोजन की अनुमति अभी तक नहीं मिली है।

सरकार से फैसला लेने को कहा, सुनवाई छह हफ्ते टली

अदालत ने राज्य सरकार को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने के लिए समय देते हुए सुनवाई छह हफ्तों के लिए टाल दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि सरकार उदारता दिखाते हुए केस चलाने की मंजूरी नहीं देती है, तो इस पूरे मामले को समाप्त किया जा सकता है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर महमूदाबाद को भी साफ संदेश दिया। बेंच ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि अगर मामला खत्म किया जाता है, तो उनसे यह उम्मीद की जाएगी कि वे भविष्य में सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से अपनी राय रखें।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त लेकिन संतुलित टिप्पणी

अदालत ने कहा कि अगर राज्य सरकार नरम रुख अपनाती है, तो प्रोफेसर को भी उसी स्तर की जिम्मेदारी दिखानी होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को भी मिली राहत का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

महमूदाबाद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि इस पूरे मामले में कोई ठोस आधार नहीं है और यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय है।

क्या है पूरा मामला?

प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ मई 2025 में सोशल मीडिया पर किए गए कुछ पोस्ट को लेकर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। इन पोस्ट्स को लेकर उन पर देश की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए थे।

हरियाणा पुलिस ने उन्हें दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए जमानत की शर्तों में ढील दी और यह भी कहा कि उन्हें अपने विचार रखने का अधिकार है, बशर्ते वे विचाराधीन मामले पर टिप्पणी न करें।

आगे क्या?

अब इस केस का भविष्य पूरी तरह हरियाणा सरकार के फैसले पर टिका है। अगर सरकार अभियोजन की अनुमति नहीं देती है, तो प्रोफेसर महमूदाबाद के खिलाफ चल रहा मामला समाप्त हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

यह भी पढ़ें : ‘हिन्दू खतरे में है’ का नारा देकर सत्ता में आई भाजपा अब कर रही उपेक्षा: कांग्रेस नेता खाचरियावास

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Fraud case on Subhash chandra

ZEE ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज , 1322 करोड़ का लोन नहीं चुकाया

Shobha Yatra

जयपुर परकोटे में धूमधाम से निकली एतिहासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत, भक्त उमड़े

swatantr bhagdwaj on police remand

CJP प्रदर्शन के दौरान मारपीट के आरोपी स्वतंत्र की कोर्ट में पेशी, एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

encounter in kashmir

कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, लश्कर का पाकिस्तानी कमांडर यासिर ढेर

world map of un

यूनाइटेड नेशंस ने दुनिया का नक्शा बदला, भारत ने किया समर्थन, अमेरिका ने किया विरोध

mosque demolised

सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद पर चल रहा बुलडोजर, बसपा सुप्रीमों मायावती, सांसद इकरा हसन ने जताया विरोध

दिल्ली में अब स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिन्दू संगठनों का प्रदर्शन

Donald Trump statement

ट्रम्प ने ईरान के परमाणु-ठिकाने पर हमले की दी धमकी, कहा-नजर रख रहे हैं उड़ा देंगे अगर हुई कोई भी गतिविधि

Teachers Day

27 राज्य, 7 केन्द्र शासित प्रदेशों से 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार, Teachers Day पर PM मोदी ने की मुलाकात

2

2