Rajasthan Bar Association: एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही बरतने पर डाॅक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के बाहर पिछले तीन दिनों से जारी वकीलों ने धरना समाप्त करने से इन्कार कर दिया है. गुरुवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की बैठक हुई उसके बाद बार अध्यक्ष ने धरना स्थगित किए जाने की घोषणा कर दी लेकिन इसके कुछ देर बाद ही धरना स्थल पर मौजूद अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त होने से इनकार कर दिया है.
अधिवक्ता गुर्जर ने किया इन्कार
वकीलों के आंदोलन को गुरुवार दोपहर 3 बजे राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने 15 से 20 दिनों के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी जिसके कुछ देर बाद ही धरने पर मौजूद अधिवक्ताओं में शामिल बाबूलाल गुर्जर ने धरना स्थल से हटने से इनकार कर दिया. बता दें कि अधिवक्ता जितेन्द्र शर्मा की मां के इलाज में कथित लापरवाही से हुई मौत के मामले में आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया जा रहा था। अधिवक्ताओं का आरोप था कि निजी अस्पताल में उपचार के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण महिला की मृत्यु हो गई। इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पांच महीने तक गिरफ्तारी नहीं होने से अधिवक्ताओं में भारी रोष था।
यह भी पढें : करणी सेना के संभागीय प्रवक्ता ने राहुल गांधी को दी गोली मारने की धमकी, कोटा पुलिस ने किया गिरफ्तार
16 फरवरी से शुरू हुआ था धरना
धरना 16 फरवरी की सुबह करीब 11.30 बजे से शुरू हुआ था। हाईकोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्रित होकर लगातार नारेबाजी कर रहे थे और आरोपी डॉक्टर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के चलते आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा और पुलिस को वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को डायवर्ट करना पड़ा।
शाम 5 बजे एक और बैठक
प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर अलग से संघर्ष समिति का गठन कर दिया है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और आंदोलन जारी रहेगा। शाम 5 बजे संघर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में आंदोलन की रूपरेखा, संभावित विरोध कार्यक्रम और प्रशासन के साथ बातचीत जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। प्रदर्शन कर रहे वकीलों की मुख्य मांग निविक हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी को लेकर है। वकीलों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
यह भी देखें : निर्मल चौधरी का पत्ता साफ! BJP कनेक्शन तो वजह नहीं?



