मुंबई की पूर्व मेयर और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की नेता किशोरी पेडनेकर एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उन पर बीएमसी चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमैया का दावा है कि पेडनेकर ने अपने चुनावी हलफनामे में न तो अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी दी और न ही सही आवासीय पता बताया।
किरीट सोमैया के अनुसार, किशोरी पेडनेकर के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन उन्होंने बीएमसी चुनाव के लिए दाखिल किए गए एफिडेविट में इनका उल्लेख नहीं किया। उन्होंने इसे सीधे तौर पर चुनाव आयोग से धोखाधड़ी करार दिया है।
कफन घोटाले और SRA मामले का जिक्र
सोमैया ने कहा कि किशोरी पेडनेकर कोविड-19 महामारी के दौरान सामने आए कथित बॉडी बैग (कफन) घोटाले में आरोपी रही हैं और उन्हें इस मामले में कोर्ट से जमानत भी मिल चुकी है। इसके अलावा वर्ली स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) प्रोजेक्ट से जुड़ा एक अन्य मामला भी उनके नाम से दर्ज बताया जा रहा है।
बीजेपी नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दस्तावेज साझा करते हुए दावा किया कि 2023 में अग्रिपाड़ा और निर्मल नगर पुलिस थानों में दर्ज FIR में किशोरी पेडनेकर का नाम शामिल है। इनमें आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज वह मामला भी शामिल है, जो कोविड काल में बॉडी बैग की खरीद-बिक्री से जुड़ा है।
पते को लेकर भी सवाल
सोमैया का यह भी कहना है कि एक पुराना FIR 2017 के नगर निगम चुनाव से जुड़ा है, जिसमें पेडनेकर द्वारा बताए गए रिहायशी पते को लेकर गड़बड़ी सामने आई थी। यह मामला वर्ली SRA प्रोजेक्ट से संबंधित बताया जा रहा है।
चुनाव आयोग से शिकायत
किरीट सोमैया ने चुनाव अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि हर उम्मीदवार को अपने खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों और FIR की जानकारी नॉमिनेशन फॉर्म में देनी होती है। आरोप है कि किशोरी पेडनेकर ने जानबूझकर यह जानकारी छिपाई।
उन्होंने चुनाव आयोग से एफिडेविट की गहन जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस पूरे मामले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
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