Religion & Astrology: आमतौर पर हम राशिफल चंद्र राशि के आधार पर देखते हैं। इसके अलावा आप लग्न के आधार पर भी राशिफल देख सकते हैं। ज्योतिष में इसे सबसे ज्यादा सटीक माना जाता है।ज्योतिष शास्त्र में लग्न उसे कहा जाता है, जो जन्म के समय पूर्व दिशा की ओर उदित हो रहा है। कुंडली के पहले भाव में जो राशि होती है उसी को लग्न कहा जाता है और यहीं से कुंडली की सही तरीके से गणनी की जाती है। बता दें कि लग्न हर 2 घंटे में बदल जाता है। इसलिए लग्न निकालते समय जन्म की तारीख, समय और स्थान का सही होना अति आवश्यक होता है। कुंडली में 1 से लेकर 12 तक नंबर होता है, जो क्रमशरू मेष से लेकर मीन लग्न का था।
आइए जानते हैं लग्न के आधार पर मिथुन और कर्क राशि वालों का कैसा बीतेगा नया साल।
मिथुन लग्न
यदि आपकी कुंडली के पहले भाव में अंक 3 है, तो आप मिथुन लग्न के जातक हैं। इस साल आप स्वयं पर ध्यान दें और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करें। धैर्य और सोच-समझकर के साथ निर्णय लेंगे, तो आपको लाभ मिल सकता है। लंबी दूरी की यात्राएं कर सकते हैं। इससे आपको लाभ मिल सकता है।
साल की शुरुआत में मानसिक थकान और दबाव महसूस हो सकता है। ऐसे में नींद का विशेष ध्यान रखें। संवाद में गलतफहमियों की संभावना रहेगी। इसलिए थोड़ा संभलकर बात करें। मई–जून के बाद आपके जीवन में स्थितियां साफ़ होने लगेंगी। इसके साथ ही जुलाई–अगस्त आत्मचिंतन करेंगे। ऐसे में आपके व्यक्तित्व में काफी निखार देखने को मिलना वाला है। लेकिन इस साल मानसिक तनाव और बेकार के खर्चों से परेशान हो सकते हैं।के आधार पर मेष से लेकर मीन का कैसा बीतेगा नया साल।
कर्क लग्न
यदि आपके पहले भाव में अंक 4 है, तो आप कर्क लग्न के हैं। वर्ष 2026 आपके लिए भावनाओं को सहने का नहीं, बल्कि उन्हें समझदारी से कंट्रोल करने का समय है। पिछले साल से आप जो अंदर ही अंदर दबा कर बैठे हैं। इससे खोखले होते जा रहे हैं। इससे आपके स्वास्थ्य पर सबसे अधिक असर देखने को मिला रहा है। लेकिन इस साल खुद की भावनाओं को कंट्रोल न करके व्यक्त करें।
साल के मध्य में आत्मविश्वास में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। करियर के क्षेत्र में भी लाभ मिलने के योग नजर आ रहे हैं। आपके अंदर नेतृत्व करने की क्षमता में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में कई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
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कोई भी निर्णय भावनाओं में बहकर न लें। इससे रिश्तों में धोखा सकते हैं। रिश्तों में अनावश्यक निर्भरता कम होगी और समझदारी से चुने गए संबंध मज़बूत होंगे। स्वास्थ्य के लिहाज़ से पाचन और चिंता से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देना आवश्यक रहेगा।
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