US Tariff: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को रद्द करने पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनाते ने कहा कि सरकार को हमें बताना चाहिए कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने आपके ऊपर 10 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है, तो फिर आप अमेरिकी टैरिफ को शून्य क्यों करेंगे? आप रूस से तेल खरीदना क्यों बंद करेंगे. आप 500 बिलियन डॉलर का सामान क्यों खरीदेंगे. आप किसानों की तबाही क्यों करेंगे, वहां से सामाना मंगवाकर. इन सब सवालों का जवाब सरकार जरूर दे.
“अमेरिका की तिजोरी में किसान-व्यापारियों का हित रखा गया”
वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने US टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कहा कि मैं अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का सम्मान करता हूं और कहना चाहता हूं कि जो टैरिफ लगाया गया वह गलत था. अमेरिकी राष्ट्रपति को अधिकार नहीं था, मैं मांग करता हूं कि अमेरिका को इसे वापस करना चाहिए. उन्होंने(डोनाल्ड ट्रंप) यह भी कहा कि टैरिफ से अमेरिका को फायदा होगा. कांग्रेस इसका विरोध करती है. अमेरिका की तिजोरी में जो किसान, छोटे व्यापारियों का हित रखा गया है हम इसका विरोध करते हैं.
“सत्ता में बैठे लोगों को सच बोलना चाहिए”
इसके अलावा कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि अमेरिकी उच्च न्यायालय का जो फैसला आया है वह दर्शाता है कि जो संवैधानिक अदालते हैं उन्हें जो लोग सत्ता में हैं उनसे सच बोलना चाहिए. चाहे कोई कितना भी ताकतवर हो, कानून सबसे ऊपर है. यह फैसला बाकी मुल्कों के संवैधानिक अदालतों के लिए एक संदेश है कि ट्रंप सरकार की तरफ से दोबारा यह दलील दी गई है कि वे जो टैरिफ है उसे बरकरार रखेंगे, यह मामला फिर से उच्चतम न्यायालय में जाएगा. जिस तरह से यह टकराव बढ़ रहा है, अगले 36 महीने में यह अमेरिका को एक नई दिशा और दशा देगा.
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“किसानों के साथ बहुत बड़ा छल और धोखा है”
महाराष्ट्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि व्यापार समझौते को लेकर कोर्ट की कोई टिप्पणी नहीं है. आज की तारीख में 18% टैरिफ हमारे देश पर लगा है. अमेरिका से जो निर्यात होकर आएगा उसपर 0% है, यह देश के किसानों के साथ बहुत बड़ा छल और धोखा है. अगर अमेरिका से इतना उत्पाद आएगा तो यहां के किसानों को तो अपने उत्पाद पर 1000, 1500 भी नहीं मिलेंगे तो आत्महत्या के अलावा उनके अलावा कोई रास्ता नहीं रहेगा. यह बहुत गंभीर विषय है और बड़ा धोखा है और इसके लिए कांग्रेस ने पूरे देश के किसानों के साथ खड़े रहने का निर्णय लिया है.


