lifestyle: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द एक आम समस्या बन चुका है अक्सर हम नाश्ता छोड़ देते हैं या लंबे समय तक भूखे रहते हैं। ऐसा करने से ब्लड शुगर लेवल गिर जाता है और दिमाग की नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सिर भारी होने लगता है और तेज दर्द शुरू हो सकता है। व्रत रखना या वजन कम करने के चक्कर में लंबे समय तक भूखे रहना भी सिरदर्द का एक बड़ा कारण है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि लंबे समय तक खाली रहने के बजाय थोड़े-थोड़े समय पर हल्का-हल्का खाना लें।
मेंटल स्ट्रेस
आजकल की स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल सिरदर्द का सबसे बड़ा कारण है। काम का दबाव, भविष्य की चिंता और छोटी-छोटी बातों पर तनाव मांसपेशियों को खींच देता है। इसे ‘टेंशन हेडेक’ कहा जाता है। लगातार मानसिक दबाव से दिमाग की नसें थक जाती हैं और सिर में दर्द महसूस होने लगता है।
डिहाइड्रेशन और नींद की कमी
पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी सिरदर्द का कारण बनती है। शरीर में पानी कम होने पर नसों पर दबाव बढ़ता है और सिर दर्द शुरू हो सकता है। इसके अलावा पूरी नींद न लेना भी समस्या बढ़ाता है। अगर रात में 7-8 घंटे की गहरी नींद नहीं ली जाती, तो दिमाग को आराम नहीं मिलता और स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं, जिससे सिर में भारीपन और माइग्रेन का खतरा भी बढ़ता है। दिनभर में 8-10 गिलास पानी पीना और नियमित नींद लेना सिरदर्द कम करने में मदद करता है।



