Sugar Level : आज के समय में ज्यादातर लोग घर पर ही ब्लड शुगर लेवल्स को चेक करने के लिए ग्लूकोमीटर मशीन का इस्तेमाल करने लगे हैं. लेकिन कई बार लोग शुगर चेक करते समय अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे मशीन में शुगर लेवल गलत दिखाई दे सकता है. गलत रीडिंग देखकर हो सकता है कि आप एक गलत दवा खा लें, जो आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है. आपको अपना शुगर चेक करते समय इन गलतियों का ख्याल रखेंगे, तो आपको हर बार एक सही और एक्यूरेट रीडिंग मिलेगी.
हाथ धोए अच्छे से सुखाएं फिर टेस्ट करें
चिकित्सक बताते हैं कि यह सबसे पहली और कॉमन गलती है, जिसे लोग जल्दबाजी में कई बार दोहरा देते हैं. अगर आपने कुछ ही देर पहले कोई मीठी चीज खाई है या फिर छुआ है, फलों को काटा है या फिर आपके हाथों में पसीना और धूल लगी हुई है, तो आपकी उंगली पर लगी हुई वह मिठास आपके खून में मिक्स होकर शुगर लेवल को ज्यादा दिखा सकती है. वहीं, दूसरी तरफ कुछ लोग अपने हाथों को धो तो लेते हैं, लेकिन उन्हें सही से सुखाये बिना ही सुई चुभा देते हैं. ऐसे में पानी की बूंद खून के साथ मिल जाती है, जिससे खून पतला हो जाता है और रीडिंग असलियत से बहुत कम आती है. इससे बचने का सही तरीका यह है कि टेस्ट करने से पहले हाथों को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोएं और उन्हें पूरी तरह सूखने दें. हाथ साफ करने के लिए सैनिटाइजर का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि उसमें मौजूद अल्कोहल की वजह से भी रीडिंग गलत हो सकती है.
उंगली को जोर से दबाकर खून निकालना
चिकित्सक सलाह देते हैं कि जब हम शुगर टेस्ट करने के लिए उंगली में सुई चुभाते हैं, तो उस समय निकलने वाली खून की बूंद बहुत ही छोटी सी होती है. इसे देखकर अक्सर लोग अपनी उंगली को जोर से दबाकर ज्यादा खून निकालने की कोशिश करते हैं. आपको भूलकर भी कभी ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि जब आप अपनी उंगली को जोर से दबाते हैं, तो खून के साथ-साथ हमारी स्किन के अंदर मौजूद एक साफ पानी जैसा लिक्विड, जिसे टिश्यू फ्लूइड कहते हैं, वह भी बाहर आ जाता है. यह पानी खून में मिक्स होकर उसे और भी पतला कर देता है, जिसकी वजह से आपकी मशीन सही शुगर रीडिंग नहीं ले पाती है. सही तरीका यह है कि सुई चुभाने के बाद खून को अपने आप बाहर आने दें. अगर जरूरत हो, तो उंगली के नीचे से ऊपर की तरफ हल्के हाथ से सहलाएं, लेकिन सुई वाली जगह को जोर से न दबाएं.
उंगली के बिल्कुल बीच में सुई चुभाना
शुगर वाले ज्यादातर लोग अपनी उंगली के बिल्कुल ऊपर और बीच वाले हिस्से में सुई को चुभाते हैं, जहां पर हमारी फिंगरप्रिंट का सेंटर होता है. हमारी उंगली के इस हिस्से में हमारी नसें बहुत ही ज्यादा होती हैं, जिस वजह से यहां पर सुई चुभने पर दर्द भी बहुत ज्यादा तेज होता है. बार-बार इसी जगह पर सुई चुभाते रहने से यहां की स्किन टाइट और काली पड़ सकती है. इसलिए हमेशा उंगली के किनारों पर सुई चुभानी चाहिए. किनारों पर दर्द बहुत कम होता है, खून भी आसानी से निकलता है और वहां की स्किन जल्दी खराब भी नहीं होती.
एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल करना
कुछ लोगों की आदत होती है कि वे कई हफ्तों तक लगातार एक ही ग्लूकोमीटर की सुई का इस्तेमाल करते रहते हैं और उसे तब तक नहीं बदलते, जब तक वह पूरी तरह से स्किन में चुभना बंद न हो जाए. एक बार इस्तेमाल करने के बाद ही सुई की नोक आगे से थोड़ी सी मुड़ जाती है और वह ब्लंट हो जाती है. ऐसी मुड़ी हुई सुई को दोबारा उंगली में चुभाने से बहुत तेज दर्द होता है और उंगली की स्किन डैमेज भी हो सकती है. सबसे बड़ा डर यह रहता है कि पुरानी सुई पर बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, जिससे उंगली में इन्फेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि हर बार नई सुई का इस्तेमाल करें, या कम से कम एक-दो दिन में सुई को जरूर बदल दें.
स्ट्रिप्स को खुला छोड़ना या खराब डिब्बे में रखना
ग्लूकोमीटर के साथ जो पतली सी स्ट्रिप आती है, वह बहुत ही नाजुक होती है. इनके ऊपर एक खास तरह की दवा की कोटिंग होती है, जो खून के कॉन्टैक्ट में आते ही शुगर का पता लगाती है. कई बार लोग स्ट्रिप निकालने के बाद डिब्बे का ढक्कन खुला छोड़ देते हैं या उसे सीलन वाली जगह पर रख देते हैं. हवा की नमी और धूप लगने से ये स्ट्रिप्स खराब हो जाती हैं. इसके अलावा, एक्सपायर्ड स्ट्रिप का इस्तेमाल करने से रिजल्ट हमेशा गलत ही आएगा. इसलिए स्ट्रिप्स के डिब्बे को हमेशा सूखी और ठंडी जगह पर रखें, स्ट्रिप निकालने के तुरंत बाद डिब्बे का ढक्कन कसकर बंद कर दें और इस्तेमाल करने से पहले डिब्बे पर लिखी एक्सपायरी डेट जरूर देख लें.
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