Sweat: :गर्मी में पसीना सभी को आता है। दिन में आम तौर पर पसीना आना सामान्य बात है लेकिन अगर आप रात में सामान्य तापमान में सो रहे है और फिर भी आपको पसीना आता है, तो यह शरीर के लिए अच्छा संकेत नहीं है। यह सही है कि पसीना आना शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। पसीना आना गलत नहीं होता है, लेकिन अगर बहुत ज्यादा पसीना आता है या फिर ठंडे मौसम में भी पसीना आता है, तो फिर वो चिंता वाली बात हो सकती है। पसीना ज्यादा गर्मी में आता है, ताकि शरीर को ठंडा रखा जा सके। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को बार-बार रात में इतना पसीना आए कि कपड़े या बिस्तर तक भीग जाएं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
फेफड़ों में इन्फेक्शन
बहुत ही कम लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होगी। चिकित्सकों की राय में फेफड़ों में होने वाले कुछ प्रकार के इन्फेक्शन जैसे ट्यूबरकुलोसिस व अन्य प्रकार के संक्रमणों के कारण कई बार रात के समय पसीना आ सकता है। ऐसा आमतौर पर तब ज्यादा देखा जाता है जब इन्फेक्शन शरीर में लंबे समय तक रहता है। यदि इसके साथ बुखार, वजन कम होना या लगातार कमजोरी भी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
मेनोपॉज के दौरान होने वाले बदलाव
चिकित्सक बताते हैं कि हार्माेन से जुड़ी कुछ समस्याएं हो सकती हैं जिनके कारण ज्यादा पसीना आने जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं। महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान हार्माेन में होने वाले बदलावों के कारण रात में पसीना आना एक आम शिकायत है। इसी प्रकार थायरॉयड ग्लैंड का ज्यादा सक्रिय होने पर भी व्यक्ति को ज्यादा गर्मी लगती है और पसीना अधिक आता है।
डायबिटीज के मरीज
कुछ क्रोनिक बीमारियां भी हैं, जिनके कारण ज्यादा पसीना आने जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं। खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों में ऐसा देखा जाता है, जब रात के समय उनके ब्लड शुगर लेवल में बदलाव होने लगता हो तो उसके कारण कई बार पसीना आ सकता है। इसलिए मरीजों को अपने शुगर लेवल का खास ध्यान रखना चाहिए।
कुछ प्रकार के कैंसर
चिकित्सकों के अनुसार कुछ प्रकार के कैंसर भी हैं, खासतौर पर ब्लड कैंसर (लिम्फोमा) आदि जिनके कारण कई बार ज्यादा पसीना आने लगता है। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि ज्यादा पसीना आना हर बार सिर्फ कैंसर का ही संकेत नहीं होता है, जबकि कैंसर के सभी मरीजों में भी ज्यादा पसीना आने जैसे संकेत नहीं देखे जाते।
मानसिक स्वास्थ्य
मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होना भी कई बार ज्यादा पसीना आने का कारण बन सकता है। लगातार मानसिक तनाव रहना, चिंता और दिनभर घबराहट रहना भी रात के समय में पसीना बढ़ा सकती हैं। देखा गया है कि जो लोग लंबे समय से तनाव में है, उन्हें अक्सर रात के समय ज्यादा पसीना आने की शिकायत रहती है।
कुछ प्रकार की दवाएं
सिर्फ बीमारियां ही नहीं बल्कि कुछ प्रकार की दवाएं भी ऐसी होती हैं, जिनके कारण कई बार ज्यादा पसीना आ सकता है। डिप्रेशन कम करने वाली दवाएं, बुखार की दवाएं और कुछ प्रकार की हार्माेनल दवाएं ऐसी होती हैं जिनके कारण कई बार ज्यादा पसीना आने लगता है। यह भी देखा गया है कि कुछ प्रकार के सप्लीमेंट्स व अन्य हर्बल प्रोडक्ट्स के कारण भी कई बार ज्यादा पसीना आने जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं।
डिस्क्लेमर – इस लेख का उद्देश्य केवल समस्या और उसकी देखभाल से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी देना है और इसमें दी गई जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
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