Cancer Therapy India: भारत में कैंसर के इलाज को लेकर एक नई उम्मीद सामने आई है. दवा कंपनी एली लिली एंड कंपनी इंडिया ने आरईटी जीन अल्टरेशन से जुड़े कैंसर मरीजों के लिए नई टार्गेटेड थेरेपी टैनस्ट्राइव लॉन्च की है. कंपनी का कहना है कि यह दवा कैंसर कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि को रोकने का काम करती है. हालांकि, यह दवा हर कैंसर मरीज के लिए नहीं है और 14 दिन का डोज कैंसर खत्म होने की गारंटी नहीं माना जा सकता.
किन मरीजों को मिलेगा फायदा?
यह दवा उन मरीजों के लिए बनाई गई है,जिन्हें लोकली एडवांस्ड या मेटास्टेटिक सॉलिड ट्यूमर है और जांच में RET जीन अल्टरेशन की पुष्टि होती है. इलाज शुरू करने से पहले मरीज की जीन संबंधी जांच की जाती है,ताकि यह तय किया जा सके कि वह इस थेरेपी के लिए उपयुक्त है या नहीं.
कैसे करती है काम?
कंपनी के अनुसार टैनस्ट्राइव सीधे RET जीन अल्टरेशन को निशाना बनाती है. यह उन असामान्य सिग्नलिंग पाथवे को ब्लॉक करती है, जिनकी वजह से कैंसर कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं. यह एक ओरल दवा है, जिसे मरीज को दिन में दो बार लेना होता है. दवा 40, 80, 120 और 160 मिलीग्राम की टैबलेट में उपलब्ध है, ताकि डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार सही डोज तय कर सकें.
कीमत और कंपनी का दावा
टैनस्ट्राइव के 14 दिनों के एक बॉक्स की कीमत 2.15 लाख रुपये तय की गई है. एक बॉक्स सिर्फ 14 दिन के उपचार के लिए होता है. मरीज को आगे कितने समय तक दवा लेनी होगी, इसका फैसला उसकी बीमारी की स्थिति और ऑन्कोलॉजिस्ट की सलाह के आधार पर किया जाएगा.
कंपनी के प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर विंसलो टकर ने कहा कि प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी कैंसर के इलाज का भविष्य बदल रही है और यह दवा भारत में योग्य मरीजों के लिए टार्गेटेड थेरेपी की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे हर कैंसर का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। यह केवल RET जीन अल्टरेशन वाले मरीजों के लिए है और बिना विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के इसका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए.
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