Parijat plant : आयुर्वेद में पारिजात को वात संबंधी समस्याओं में उपयोगी औषधीय पौधा माना गया है। उत्तराखंड के कई पहाड़ी इलाकों में तो पारिजात की पत्तियों का उपयोग लंबे समय से घरेलू नुस्खे के रूप में किया जा रहा है। इसकी पत्तियों की चाय पीने से जोड़ों की जकड़न और गठिया वात से जुड़ी परेशानी में राहत मिल सकती है। जोडों के दर्द के लिए हर व्यक्ति पर इसका असर अलग हो सकता है. इसलिए यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे या गंभीर हो तो डॉक्टर से जांच और उचित उपचार जरूर कराना चाहिए।.
पारिजात की चाय लाभदायक
आयुर्वेद विशेषज्ञ के अनुसार पारिजात की चाय बनाना बेहद आसान है. इसके लिए दो गिलास पानी में पारिजात की कुछ ताजी और साफ पत्तियां डालकर धीमी आंच पर उबालें. जब पानी आधा यानी लगभग एक गिलास रह जाए तो इसे छान लें. इस काढ़े या चाय में चीनी नहीं मिलानी चाहिए. स्वाद के लिए जरूरत हो तो चिकित्सकीय सलाह के अनुसार थोड़ा शहद बाद में मिलाया जा सकता है, लेकिन गर्म काढ़े में नहीं. इसे सुबह खाली पेट या हल्के नाश्ते के बाद लिया जा सकता है।
जोडों में सूजन और दर्द से राहत
पारिजात की पत्तियों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जिनमें सूजन कम करने वाले गुण होने की बात विभिन्न आयुर्वेदिक ग्रंथों में कही गई है. इसी वजह से इसे जोड़ों में सूजन और दर्द से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी माना जाता है. कई लोग नियमित रूप से इसकी चाय का सेवन करते हैं. हालांकि यह किसी दवा का विकल्प नहीं है. यदि किसी व्यक्ति को गठिया, यूरिक एसिड या अन्य गंभीर बीमारी है, तो उसे डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए.
पारिजात का पौधा घर में लगाएं
पारिजात का पौधा अधिक जगह नहीं घेरता और इसे घर के आंगन, बगीचे या बड़े गमले में भी लगाया जा सकता है. यह पौधा कम देखभाल में भी अच्छी तरह बढ़ जाता है. बरसात का मौसम इसे लगाने के लिए उपयुक्त माना जाता है. जब पौधा बड़ा हो जाता है तो इसकी पत्तियां और सुगंधित फूल दोनों उपयोगी होते हैं. कई लोग धार्मिक महत्व के कारण भी इसे घर में लगाते हैं. यदि औषधीय उपयोग के लिए इसकी पत्तियां ली जाएं तो केवल साफ और बिना कीटनाशक वाली पत्तियों का ही इस्तेमाल करना चाहिए. पौधे की नियमित देखभाल से यह लंबे समय तक हरा-भरा रहता है।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों को डॉक्टर की सलाह जरुरी
हर प्राकृतिक चीज हर व्यक्ति के लिए समान रूप से सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है. गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, छोटे बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी की दवा ले रहे लोगों को पारिजात की चाय का सेवन बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं करना चाहिए. यदि सेवन के बाद एलर्जी, पेट दर्द, उल्टी या किसी प्रकार की परेशानी महसूस हो तो इसका उपयोग तुरंत बंद कर डॉक्टर से संपर्क करें. किसी भी औषधीय पौधे का अत्यधिक सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है.
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