Cancer : आमतौर पर मसूड़ों में सूजन, दर्द या मुंह में छाले होना सामान्य बात समझा जाता है क्योंकि इसका एक कारण यह भी है कि ये लक्षण कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। ज्यादातर मामलों में ऐसा खराब ओरल हाइजीन, संक्रमण या चोट के कारण होता है। कुछ मामलों में स्ट्रेस या न्यूट्रिशन की कमी से भी ऐसा हो सकता है। अगर ये लक्षण ज्यादा दिनों तक बने रहें तो यह खतरनाक हो सकता है। दरअसल, ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण भी अक्सर सामान्य छाले या मसूड़ों में सूजन जैसे ही होते हैं।
मसूड़ों में सूजन और दर्द की समस्या
चिकित्सकों के अनुसार मसूड़ों में सूजन यानी जिंजिवाइटिस दुनिया भर में सबसे कॉमन ओरल हेल्थ समस्याओं में से एक है। खराब ओरल हाइजीन, प्लाक जमा होने, सिगरेट पीने, डायबिटीज और कुछ अन्य कारणों से यह समस्या हो सकती है। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह पेरियोडोंटाइटिस में बदल सकती है। इस स्थिति में दांतों को सहारा देने वाले मसूड़े, हड्डी और अन्य टिश्यूज धीरे-धीरे डैमेज होने लगते हैं, जिससे दांत ढीले पड़ सकते हैं और गंभीर मामलों में गिर भी सकते हैं।
सूजन और दर्द के कारण ?
चिकित्सक बताते हैं कि मसूड़ों में सूजन और दर्द के प्रमुख कारण प्लाक और टार्टर (दांतों पर सख्त लेयर) जमना। ठीक से ब्रश और फ्लॉस न करना। चोट या जलन। मसूड़ों की बीमारी। दांत या मसूड़ों में संक्रमण। हॉर्माेनल बदलाव। दवाओं का साइड इफेक्ट। न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी। डायबिटीज। स्मोकिंग हैं।
यह कितने दिनों में ठीक हो जाता है?
अगर जलन, मामूली चोट या हल्की सूजन है तो हाइजीन मेंटेन करने पर 3-10 दिनों में सुधार हो सकता है। अगर यह प्लाक या जिंजिवाइटिस के कारण है तो हाइजीन का ख्याल रखने और सही देखभाल से 1-2 सप्ताह में सुधार हो सकता है।
‘कैंकर सोर’ यानी मुंह में छाले होना
कैंकर सोर एक कॉमन प्रॉब्लम है। यह लगभग हर 5 में से 1 व्यक्ति को जीवन में कभी-न-कभी हो सकती है। इसके संभावित कारण मुंह के अंदर चोट स्ट्रेस और कम नींद, डाइजेस्टिव इश्यूज, मसालेदार या साइट्रस फूड से सेंसिटिविटी, विटामिन , फोलेट या आयरन की कमी, हॉर्माेनल बदलाव, दवाओं के साइड इफेक्ट्स आदि हो सकते हैं।
मुंह में छाले, सूजन या मसूड़ों में दर्द
चिकित्सकों के अनुसार ज्यादातर मामलों में ओरल कैंसर नहीं होते हैं। लेकिन कुछ कंडीशंस में ये लक्षण ओरल कैंसर के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं और जांच कराना जरूरी है।
इन संकेतों पर विशेष ध्यान देना जरूरी
मुंह का छाला या घाव 2-3 सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहे। मुंह में लाल या सफेद धब्बे कई दिनों तक बने रहें। मसूड़े, जीभ, गाल के अंदर या मुंह के किसी हिस्से में लगातार सूजन या गांठ महसूस हो। बिना स्पष्ट कारण के लगातार दर्द, जलन या सुन्नपन हो। चबाने, निगलने या बोलने में परेशानी होने लगे। दांत ढीले होने लगें। गर्दन में गांठ महसूस हो। बिना कारण वजन कम होने लगे।
कैंसर से बचाव के लिए ओरल हाइजीन कितना जरूरी है?
इस सवाल के जवाब में चिकित्सक कहते हैं कि इसके लिए ब्रश करना और कुछ खाने-पीने के बाद कुल्ला करना जरूरी है। हाइजीन के अलावा ओरल कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू, गुटखा, खैनी, जर्दा और पान मसाला न खाएं। सिगरेट, बीड़ी, हुक्का या किसी भी तरह की स्मोकिंग न करें। शराब बिल्कुल न पिएं। फल और सब्जियों से भरपूर बैलेंस्ड डाइट लें। मुंह में किसी छाले, गांठ, लाल-सफेद धब्बे को नजरअंदाज न करें। मुंह का कोई घाव 2-3 हफ्ते में ठीक न हो तो डॉक्टर से जांच करवाएं। टूटे, नुकीले दांत या खराब फिटिंग डेंचर का समय पर इलाज करवाएं।
रिस्क होने पर मुंह का सेल्फ एग्जामिनेशन करते रहें। नियमित डेंटल चेकअप करवाएं।
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