Joint Pain Causes- आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में घुटनों, कमर और स्पाइन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. पहले जहां ये दिक्कतें उम्र बढ़ने के साथ देखने को मिलती थीं वहीं अब 30-40 साल के लोग भी इससे जूझ रहे हैं. क्या आपको भी सुबह उठते समय घुटनों में जकड़न महसूस होती है या लंबे समय तक बैठने के बाद पीठ में दर्द शुरू हो जाता है? अक्सर लोग इसे उम्र या थकान का असर मान लेते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें ही इस दर्द की असली वजह बनती हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार गलत लाइफस्टाइल, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी का सीधा असर हमारे जोड़ों और रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है. अगर समय रहते इन आदतों को सुधारा जाए तो लंबे समय तक हड्डियों को स्वस्थ रखा जा सकता है. आइए जानते हैं ऐसी 5 बड़ी गलतियों के बारे में जो जॉइंट पेन और स्पाइन प्रॉब्लम को बढ़ावा देती हैं.
बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट लेना
अक्सर लोग घुटनों या जोड़ों में दर्द होते ही कैल्शियम और विटामिन D की गोलियां लेना शुरू कर देते हैं. जबकि हर दर्द हड्डियों की कमजोरी के कारण नहीं होता. कई मामलों में यह समस्या ऑस्टियोआर्थराइटिस की वजह से होती है जिसमें जोड़ों का कार्टिलेज घिसने लगता है. ऐसे में ये सप्लीमेंट ज्यादा असरदार नहीं होते. इसलिए बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के कोई भी सप्लीमेंट लेना सही नहीं माना जाता.
पेनकिलर पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता
दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए लोग पेनकिलर का सहारा लेने लगते हैं. हालांकि ये दवाएं थोड़ी देर के लिए आराम जरूर देती हैं लेकिन लंबे समय तक इनका सेवन नुकसानदायक हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार पेनकिलर लेने से पेट, किडनी और दिल पर बुरा असर पड़ सकता है. यह केवल दर्द को दबाती हैं लेकिन उसकी जड़ तक पहुंचकर इलाज नहीं करतीं. इसलिए इनका इस्तेमाल सीमित और डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए.
एक्सरसाइज में असंतुलन
कुछ लोग बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं करते जबकि कुछ जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करने लगते हैं. दोनों ही स्थितियां शरीर के लिए ठीक नहीं हैं. बहुत ज्यादा वॉक या भारी एक्सरसाइज करने से जोड़ों पर दबाव बढ़ता है जिससे उनमें घिसाव शुरू हो सकता है. वहीं बिल्कुल एक्टिव न रहने से भी मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं. इसलिए जरूरी है कि संतुलित और नियमित एक्सरसाइज को अपनाया जाए.
बढ़ता वजन और गलत खानपान
वजन बढ़ना घुटनों और रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालता है जिससे दर्द की समस्या और बढ़ जाती है. खासकर देर रात भारी भोजन करना और तुरंत सो जाना इस परेशानी को और गंभीर बना सकता है. इस आदत से शरीर में सूजन बढ़ती है जो जोड़ों के दर्द को और ज्यादा महसूस कराती है. इसलिए खानपान पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है.
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पानी कम पीना बड़ी गलती
बहुत से लोग दिनभर में पर्याप्त पानी नहीं पीते जिसका असर सीधे जोड़ों पर पड़ता है. हमारे जॉइंट्स में मौजूद कार्टिलेज में लिक्विड होता है जो उन्हें स्मूथ बनाए रखने में मदद करता है. जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो यह लिक्विड कम होने लगता है जिससे घर्षण बढ़ता है और दर्द महसूस होने लगता है. इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है.
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जॉइंट्स को स्वस्थ रखने के आसान तरीके
अगर आप अपने जोड़ों और स्पाइन को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं तो कुछ आसान आदतों को अपनाना जरूरी है.
– संतुलित और पोषक आहार लें जिसमें हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल हों.
– रोजाना हल्की एक्सरसाइज या योग जरूर करें कम से कम 20 मिनट की वॉक फायदेमंद रहती है.
– काम करते समय सही पोस्चर बनाए रखें झुककर बैठना या गलत तरीके से बैठना नुकसानदायक हो सकता है.
– अपने वजन को कंट्रोल में रखें इससे घुटनों पर दबाव कम होगा.
– दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे.
– जरूरत पड़ने पर फिजियोथेरपी या डॉक्टर की सलाह लेने में देरी न करें.
कब कराएं जांच?
अगर आपको लंबे समय से जोड़ों में दर्द, सूजन या अकड़न महसूस हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें. समय पर जांच कराने से समस्या की सही वजह का पता लगाया जा सकता है और इलाज आसान हो जाता है.
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है. यह किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है. अपनी सेहत से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले या कोई दवा शुरू करने से पहले हमेशा किसी योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें. इस जानकारी के आधार पर किए गए किसी भी प्रयोग के लिए प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होगा.



