Dry Fruits for Heart: ड्राई फ्रूट्स को सेहत का खजाना माना जाता है, लेकिन इनका भरपूर लाभ तभी मिलता है जब इन्हें सही तरीके और सही मात्रा में लिया जाए।डाइटिशियन के अनुसार, दिल की बीमारियों और हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोगों के लिए हर ड्राई फ्रूट एक समान फायदेमंद नहीं होता। इनकी प्रोसेसिंग और चुनाव का तरीका आपकी सेहत पर सीधा असर डालता है, इसलिए दिल की सुरक्षा के लिए समझदारी भरा चुनाव बेहद जरूरी है।
दिल के लिए सबसे फायदेमंद विकल्प
हृदय रोगियों के लिए उन नट्स और ड्राई फ्रूट्स का सेवन सबसे उत्तम है जो अनसैचुरेटेड फैट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। डॉ. शेख के मुताबिक, बादाम, अखरोट और पिस्ता जैसे नट्स शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, सीमित मात्रा में अंजीर और किशमिश का सेवन भी हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि ये जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं।
प्रोसेस्ड ड्राई फ्रूट्स के खतरों को पहचानें
बाजार में मिलने वाले कई ड्राई फ्रूट्स अक्सर स्वाद बढ़ाने के लिए प्रोसेस किए जाते हैं, जो दिल के लिए हानिकारक हो सकते हैं। नमक वाले (Salted), चाशनी में डूबे हुए या बहुत अधिक रोस्टेड सूखे मेवों से बचना चाहिए। इनमें मौजूद सोडियम की अधिक मात्रा ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती है और चीनी हृदय रोगों का खतरा पैदा कर सकती है। सेहत के लिए हमेशा सादा, प्राकृतिक और बिना किसी मिलावट वाले ड्राई फ्रूट्स ही चुनने चाहिए।
डायबिटीज और शुगर लेवल का रखें ध्यान
चूंकि ड्राई फ्रूट्स में प्राकृतिक शुगर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इनके सेवन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकने के लिए ड्राई फ्रूट्स को कभी भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि इन्हें अन्य नट्स के साथ मिलाकर या भोजन के बाद खाएं, ताकि शरीर में ग्लूकोज का स्तर संतुलित बना रहे और सेहत को कोई नुकसान न हो।
मात्रा का संतुलन है सबसे जरूरी
ड्राई फ्रूट्स के फायदों का आनंद लेने के लिए मात्रा पर नियंत्रण रखना सबसे महत्वपूर्ण नियम है। रोजाना एक छोटी मुट्ठी, जिसमें लगभग 5 से 10 नट्स या 1 से 2 चम्मच ड्राई फ्रूट्स हों, शरीर की जरूरतों के लिए पर्याप्त है। इससे अधिक सेवन करने से शरीर में कैलोरी बढ़ सकती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है। याद रखें कि बढ़ा हुआ वजन दिल की बीमारियों का एक प्रमुख कारण है, इसलिए संतुलित मात्रा ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।



