KBP Times

कॉफी पीने से शरीर में पानी की कमी!, है एक गलतफहमी

coffee drinking

Coffee: पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसा कहने वाले दरअसल किसी से सुनी सुनाई बातों को ज्यौं का त्यौ बता देते हैं, उनके इस तर्क के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं होता। एक्सपर्ट कहते हैं कि कॉफी पीने से शरीर में पानी की कमी होना एक गलतफहमी है। यही नहीं, कॉफ़ी को लेकर कई तरह की आलोचनाएँ भी लोगों से सुनने या पढने को मिलती हैं। कुछ लोगों का दावा है कि इससे पेट की समस्याएँ हो सकती हैं, एसिडिटी बढ़ सकती है, या पाचन तंत्र बिगड़ सकता है।

स्टडी में पानी की कमी का सबूत नहीं

दअसल स्वास्थ्य की दुनिया में कॉफ़ी का सफ़र उतार-चढ़ाव भरा रहा है। क्या यह सेहतमंद है? क्या इससे शरीर में पानी की कमी होती है? क्या सुबह उठते ही सबसे पहले आपको यही पीनी चाहिए? ऐसे सवालों से इंटरनेट भी भरा पड़ा है, और सोशल मीडिया पर आप जिस भी हेल्थ एक्सपर्ट से पूछेंगे, उसके जवाब अक्सर अलग-अलग होते हैं। लेकिन कॉफ़ी को लेकर सालों से चली आ रही सबसे बड़ी गलतफ़हमियों में से एक यह है कि इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है, क्योंकि इसे पीने से बार-बार पेशाब आता है। हालाँकि, पीएलओएस वन नाम के जर्नल में छपी एक बड़े पैमाने पर चर्चित स्टडी में पाया गया कि जो लोग रोज़ाना सीमित मात्रा में कॉफ़ी पीते हैं, उनमें पानी की कमी का कोई सबूत नहीं मिला। शोधकर्ताओं ने कॉफ़ी पीने वाले पुरुषों की तुलना उन पुरुषों से की जो सिर्फ़ पानी पीते थे, और उन्हें दोनों के हाइड्रेशन (शरीर में पानी के स्तर) में कोई खास अंतर नहीं मिला।

तो फिर, पानी की कमी वाली यह गलतफ़हमी कहाँ से फैली?

कॉफ़ी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती। कॉफ़ी में कैफ़ीन होता है, जो एक हल्का डाययूरेटिक (पेशाब बढ़ाने वाला पदार्थ) है। इसका मतलब है कि इसे पीने से लोगों को थोड़ी ज्यादा बार पेशाब आ सकता है। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि कॉफ़ी में मौजूद तरल पदार्थ (पानी) आमतौर पर इस असर को संतुलित कर देता है।

शरीर में पानी की कमी नहीं

मुंबई के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में कंसल्टेंट न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं, यह धारणा कि कॉफ़ी पीने से शरीर में पानी की कमी होती है, पुरानी स्टडीज़ से आई है। उन स्टडीज़ में ऐसे लोगों को कैफ़ीन की बहुत ज्यादा मात्रा दी गई थी, जो नियमित रूप से कैफ़ीन का सेवन नहीं करते थे। हालाँकि, नई स्टडीज़ से पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से कॉफ़ी पीते हैं, उनका शरीर कैफ़ीन के हल्के डाययूरेटिक असर का आदी हो जाता है। इसका मतलब है कि शरीर खुद को ढाल लेता है, और शरीर से पानी निकलने का असर बहुत कम हो जाता है। शरीर में पानी की कमी होने की संभावना तभी ज़्यादा होती है, जब लोग कैफ़ीन की बहुत ज़्यादा मात्रा का सेवन करते हैं। आमतौर पर एक दिन में 400 से 500 मिलीग्राम से ज्यादा, जो लगभग चार से पाँच कप कॉफ़ी के बराबर होता है।

रोज पीने से बुरा असर नहीं

स्वस्थ वयस्कों के लिए, रोज़ाना लगभग 3 से 4 कप कॉफ़ी पीने से उनके हाइड्रेशन स्तर, इलेक्ट्रोलाइट संतुलन या शरीर में पानी के कुल स्तर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। कॉफ़ी की मात्रा और गुणवत्ता दोनों मायने रखती हैं। बहुत ज़्यादा कैफ़ीन लेने से कुछ लोगों में घबराहट, दिल की धड़कन तेज़ होना, नींद न आना, एसिडिटी या पेट की तकलीफ़ जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। क्रीम, सिरप और व्हिप्ड टॉपिंग वाली मीठी कॉफ़ी ड्रिंक्स में बहुत ज़्यादा कैलोरी और चीनी होती है, जिससे इनके सेहत से जुड़े फ़ायदे कम हो जाते हैं। दरअसल शरीर में पानी की मात्रा सिर्फ़ किसी एक ड्रिंक पर नहीं, बल्कि आपकी पूरी जीवनशैली पर निर्भर करती है।

यह भी पढ़ें : गर्मी में सिर को ठंडा रखने के जानिए घरेलू उपाय

यह भी देखें: अपनों ने ठुकराया, आश्रम बना सहारा | बेसहारा माताओं की दर्दभरी कहानी | Apna Ghar Ashram Report

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Strike Against Adulteration

मिलावट पर वार; केंद्रीय खाद्य सुरक्षा दल की झोटवाड़ाऔर मुहाना मंडी की फर्मों पर कार्रवाई

CJP and Delhi High Court

दिल्ली कोर्ट ने आशुतोष-सौरव की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाई; CJP का रिहाई में जानबूझकर देरी का आरोप

Pratap singh Khachriyawas

जयपुर में प्रताप खाचरियावास का आरोप- VLTD डिवाइस के नाम पर 1000 करोड़ का घोटाला

Shashi Tharoor MP

कांग्रेस सांसद थरूर बोले- हमारा मकसद SIR प्रक्रिया को वापस लेना, सरकार गिराना टारगेट नही

Delhi High Court

दिल्ली हाईकोर्ट ने दी दुष्कर्म की नाबालिग पीड़िता को गर्भपात की इजाजत

Cartoon

मास्टर जी सावधानी रखना…

selection commettee

BCCI में फेरबदल; प्रज्ञान ओझा चीफ सिलेक्टर बने, कमेटी में रमेश पोवर को किया शामिल

Questions of Oppositions

सत्ता से सवाल पूछने वाले खुद पर आरोपों का जवाब देंगे कब ?

Meta

केन्द्र सरकार ने मेटा से कहा-एक तरफा नैरेटिव वाला कंटेंट नहीं हो, एल्गोरिदम की करें समीक्षा

2

2