Carom seeds : : हमारे घर में जो मसाले हैं वो सभी एक तरह से औषधियां हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं लेकिन हमें उनकी खासियत के बारे में पता नहीं होता। ये सभी मसाले हमारे रसोई में आसानी से उपलब्ध हैं। पुराने समय में हमारी दादी और नानी, जिन्होंने अपनी पोतियों को सब्ज़ी में मसालों (औषधियों) का उपयोग करना सिखाया की कितना जीरा या कितनी हींग डालनी है। इन मसालों की बहुत लम्बी फेहरिस्त है।
अजवाइन का उपयोग
नानी-दादी के नुस्खें के अनुसार दोपहर की सब्ज़ी में अजवाइन जरूर डाली जाती है और रात की सब्ज़ी में नहीं डाली जाती है। क्यों की अजवाइन पित्त नासक होता है और दोपहर के समय हमारे शरीर का पित्त बढ़ता है जो की अजवाइन के उपयोग से नियंत्रित होता है। इसीलिए दोपहर को दही और मट्ठे में अजवाइन डाली जाती है। अजवाइन का उपयोग ज्यादातर पंजाब मे रहने वाली माताओ के द्वारा भोजन मे अवश्य किया जाता है। दादी नानी की यह मुफ्त सलाह कितनी कारगर है कि धनिया खाओ, जीरा खाओ, अजवाइन खाओ आपके पेट के गैस की समस्या समाप्त हो जाएगी।
अजवायन के फायदे-
हमारे देश में हजारो सालो पहले से महिलाएं अजवाइन का प्रयोग करती चली आ रही हैं –
ऽ अजवायन वात, पित्त और कफ़ को संतुलित करने के लिए बहुत उपयोगी हैं।
ऽ पुरे मध्य भारत मे अजवायन का उपयोग भोजन को पचाने और पेट में गैस को बनने से रोकने में होता हैं।
ऽ ठण्ड मे मौसम मे अजवायन की थोड़ी मात्रा गुण के साथ लेने से ठंढ ने आराम मिलाता हैं।
ऽ साथ ही ठंढ के मौसम के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी पेय पदार्थाे जैसे चाय मे इसका प्रयोग किया जाता हैं।
ऽ कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु काढ़े मे इसका प्रयोग अन्य द्रव्यों के साथ किया जाता हैं।
सब्जी में नहीं तो वैसे ही खाएं
अगर आप सब्ज़ी में अजवाइन नहीं डालते हैं तो खाना खाने के बाद थोडी सी अजवायन जरूर लें। अगर इसका स्वाद आप को अच्छा नहीं लगता है तो आप इसे काले नमक के साथ ले सकते हैं। देखते ही देखते दो से तीन दिन में आपकी गैस की समस्या समाप्त हो जाएगी। आयुर्वेदाचार्य कहते हैं की हमारे घर में घी के बाद अजवाइन ही सबसे अच्छी पित्त नासक हैं। तो आज से इसका उपयोग सुरु करे और परिवर्तन देखे।
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