Mera Lyari: कराची का ‘ल्यारी’ इलाका इन दिनों भारत और पाकिस्तान दोनों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. कभी आम लोगों के लिए अनजान यह इलाका अब फिल्मों के जरिए सुर्खियों में है. धुरंधर ने जहां ल्यारी को अपराध, गैंगवार और आतंक के गढ़ के रूप में पेश किया, वहीं पाकिस्तान फिल्म ल्यारी के जरिए इसकी सकारात्मक पहचान दिखाने की कोशिश कर रहा है. एक तरफ जासूसी और खतरनाक ऑपरेशन की कहानी है, तो दूसरी तरफ खेल और संघर्ष के जरिए सम्मान वापस पाने की जद्दोजहद. इन दोनों फिल्मों के जरिए एक ही इलाके की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिससे ‘ल्यारी’ अब सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि एक बहस का विषय बन चुका है.
“फिल्म 2000 के दशक के ल्यारी को दिखाती है”
आदित्य धर के निर्देशन में बनी धुरंधर एक स्पाई थ्रिलर है, जिसमें रणवीर सिंह भारतीय जासूस की भूमिका निभाते नजर आए. फिल्म 2000 के दशक के ल्यारी को दिखाती है, जहां गैंगवार, तस्करी और आतंक का बोलबाला था. कहानी में कुख्यात गिरोहों और पुलिस ऑपरेशन को दर्शाया गया है, जिसमें 2009 के ‘ऑपरेशन ल्यारी’ जैसे वास्तविक घटनाक्रमों की झलक भी मिलती है. हालांकि, इस फिल्म को पाकिस्तान में एकतरफा और नकारात्मक छवि पेश करने वाला बताया गया. इसी के जवाब में अबू अलीहा के निर्देशन में मेरा ल्यारी बनाई गई है. यह फिल्म अपराध से अलग हटकर ल्यारी के सकारात्मक पहलुओं पर फोकस करती है.
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एक्ट्रेस आयशा उमर एक कोच की भूमिका मे
फिल्म की कहानी महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है. इसमें फेमस एक्ट्रेस आयशा उमर एक कोच की भूमिका निभा रही हैं, जो व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद इलाके की लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। फिल्म में दानानीर मोबीन भी अहम किरदार में नजर आएंगी. ‘मेरा ल्यारी’ का प्रीमियर ‘यूके एशियन फिल्म फेस्टिवल’ में रखा गया है, जिसके बाद इसे 8 मई को पाकिस्तान में रिलीज किया जाएगा. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘मेरा ल्यारी’ उस छवि को बदल पाती है, जिसे ‘धुरंधर’ ने बड़े पर्दे पर स्थापित किया. फिलहाल, ल्यारी एक बार फिर फिल्मों के जरिए अपनी पहचान की नई कहानी लिख रहा है.



