Amjad khan : कितने आदमी थे ? – शोले फिल्म का यह संवाद अब आम आदमी की आम जिंदगी में किसी भी मौके पर बोले जाने वाला यादगार संवाद बन चुका है। 1975 में शोले फिल्म आज भी डाकू गब्बर सिंह का किरदार निभाने वाले अमजद खान के संवाद अदायगी के कारण भी देखी जाती है। शोले में गब्बर सिंह की गूंजती हुई आवाज आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देती है। ‘कितने आदमी थे?’, ‘तेरा क्या होगा कालिया?’ और ‘ये हाथ मुझे दे दे ठाकुर!’ जैसे डायलॉग अमजद खान की आवाज की वजह से ही अमर हो गए। शोले में गब्बर सिंह का किरदार बॉलीवुड के सबसे आइकोनिक किरदारों में गिना जाता है। अमजद खान की आज 34वीं पुण्य तिथी है।
कितने आदमी थे संवाद धोबी से मिला
फिल्म शोले का आइकॉनिक डायलॉग अरे ओ सांभा, कितने आदमी थे? आज भी लोगों की जुबान पर है। बताया जाता है कि अमजद खान को इस डायलॉग की प्रेरणा अपने घर के धोबी से मिली थी। अमजद खान के घर जो धोबी कपड़े लेने आता था, वह लोगों को बड़े अनोखे अंदाज में ‘अरे ओ शांति ’ कहकर आवाज लगाता था। जब अमजद खान को शोले में गब्बर सिंह का किरदार निभाने का मौका मिला, तो उन्होंने उसी अंदाज को अपने अभिनय में शामिल कर लिया था।
पिता जंयत भी रहे अभिनेता
बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि अमजद खान के पिता जयंत एक एक्टर थे। उनका असली नाम जकारिया खान था। जयंत ने शुरुआती पढ़ाई के बाद राजस्थान के अलवर में पुलिस अधिकारी की नौकरी शुरू कर दी थी। हालांकि, फिल्मों में आने के लिए उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी। डायरेक्टर विजय भट्ट ने उन्हें नया नाम दिया- जयंत। अपनी लंबी कद-काठी, गूंजती आवाज और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर उन्होंने 1930 और 40 के दशक में कई फिल्मों में हीरो और बाद में कैरेक्टर एक्टर के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने दिलीप कुमार, मधुबाला और किशोर कुमार जैसे बड़े सितारों के साथ भी काम किया। पिता की तरह अमजद खान भी फिल्मों में आए, लेकिन जयंत अपने बेटे की सबसे बड़ी सफलता नहीं देख सके। 2 जून 1975 को गले के कैंसर से उनका निधन हो गया और करीब दो महीने बाद फिल्म शोले रिलीज हुई।
अमजद खान को ऐसे मिला था गब्बर सिंह बनने का मौका
निर्देशक रमेश सिप्पी इस रोल के लिए पहले डैनी डेंजोंगपा को कास्ट करना चाहते थे। लेकिन डैनी उस समय फिरोज खान की फिल्म धर्मात्मा की शूटिंग के लिए अफगानिस्तान जा रहे थे, इसलिए उन्होंने यह फिल्म छोड़ दी। इसके बाद यह रोल रंजीत को भी ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने डैनी की दोस्ती के कारण मना कर दिया। बाद में यह रोल अमजद खान ने निभाया।
सलीम खान और सत्यन कप्पू ने की सिफारिश
अमजद खान को यह रोल कैसे मिला, इस बारे में उनके बेटे शादाब खान ने बताया था कि सबसे पहले लेखक सलीम खान ने निर्देशक रमेश सिप्पी से कहा था, एक लड़का है अमजद खान… बहुत बेहतरीन एक्टर है, एक बार उसे देखकर तो देखिए। इसी दौरान एक्टर सत्येन कप्पू ने भी रमेश सिप्पी से अमजद खान की जोरदार सिफारिश की। उन्होंने कहा, ‘मैं खुद को अच्छा एक्टर मानता हूं, लेकिन अमजद मुझसे भी बेहतर एक्टर है। उसे एक मौका जरूर दीजिए।’ सलीम खान और सत्येन कपूर की बात रमेश सिप्पी के दिमाग में बैठ गई। इसके बाद उन्होंने एक नाटक में अमजद खान की दमदार परफॉर्मेंस देखी। उनकी एक्टिंग से प्रभावित होकर रमेश सिप्पी ने उन्हें ऑडिशन के लिए बुलाया। ऑडिशन सफल रहा और अमजद खान को शोले में गब्बर सिंह का किरदार मिल गया। इसके बाद जो हुआ, वह भारतीय सिनेमा का इतिहास बन गया।
गब्बर की आवाज डब कराने का सुझाव दिया गया था
एक समय ऐसा भी आया था, जब गब्बर की आवाज बदलने की तैयारी हो रही थी। फिल्म के डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने अरबाज खान को दिए इंटरव्यू में बताया था कि लेखक जोड़ी सलीम-जावेद को शुरुआत में अमजद खान की आवाज पर भरोसा नहीं था। उनका मानना था कि गब्बर की आवाज डब करानी चाहिए। हालांकि, रमेश सिप्पी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे। उनका मानना था कि अमजद खान की अलग और अनोखी आवाज ही इस किरदार की सबसे बड़ी ताकत है।
अभिताभ बच्चन ने भी तारीफ की
अमजद खान के बेटे शादाब खान ने भी इस किस्से का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन ने भी रमेश सिप्पी से साफ कहा था, ‘इसकी आवाज को बिल्कुल मत छेड़ना, यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।’ रमेश सिप्पी ने अमिताभ की बात का समर्थन किया और अमजद खान की असली आवाज को ही फिल्म में रखा। नतीजा यह हुआ कि वही आवाज हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार और खौफनाक आवाजों में शामिल हो गई।
टैरो रीडर ने कह दिया था- फिल्म इसी आदमी से चलेगी
फिल्म शोले की शूटिंग एक साल से ज्यादा समय से चल रही थी। लंबा शेड्यूल देखकर फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग रमेश सिप्पी का मजाक उड़ाते थे। इसी दौरान रमेश सिप्पी, अमजद खान को साथ लेकर मशहूर टैरो कार्ड रीडर डोलोरेस से मिलने पहुंचे। उस वक्त अमजद खान शूटिंग के बाद गब्बर सिंह के लुक में ही थे। शादाब खान के मुताबिक, डोलोरेस ने टैरो कार्ड खोलते ही रमेश सिप्पी से कहा, ‘आपकी फिल्म सुपरहिट होगी। यह लगातार पांच साल तक चलेगी… और इसकी वजह यही आदमी होगा।’ इतना कहते हुए उन्होंने सीधे अमजद खान की ओर इशारा कर दिया था। रमेश सिप्पी और अमजद खान दोनों हैरान रह गए।
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