Commonwealth Games : भारत की वीमेंस वेटलिफ्टिर मीराबाई चानू ने भारत को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया है। उन्होंने विमेंस वेटलिफ्टिंग की 48 किलो वेट कैटेगरी में कुल 190 किलो वजन उठाया। भारतीय वेटलिफ्टर ने स्नैच में 85 किलो और क्लीन एंड जर्क में 105 किलो वजन उठाया। मीराबाई का यह लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड है। उन्होंने 2018 के गोल्डकोस्ट और 2022 के बर्मिंघम गेम्स में भी गोल्ड जीता था। वे ग्लासगो गेम्स 2014 में सिल्वर भी जीत चुकी हैं।
भारत को अब तक चार मैडल
ग्लासगो में हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के अब 4 मेडल (1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज) हो गए हैं। भारत मेडल टैली में आठवें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 17 गोल्ड सहित 39 मेडल के साथ टॉप पर बना हुआ है। रविवार को ही ऋषिकांत सिंह ने मेंस 60 किलो और राजा मुथुपांडी ने मेंस 65 किलो वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल अपने नाम किए। ऋषिकांत ने 264 किलो (121$143) और राजा ने 286 किलो (126$160) वजन उठाया। झंडू कुमार ने शुक्रवार को पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
चानू ने गेम्स रिकॉर्ड बनाया
टोक्यो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई स्नैच के पहले प्रयास में 82 किलो वजन नहीं उठा पाई। इसके बाद उन्होंने दूसरे में 82 और तीसरे में 85 किलो उठाकर कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बना दिया। चानू क्लीन एंड जर्क में भी पहला प्रयास चूक गईं। उन्होंने दूसरे प्रयास में 105 किलो उठाकर गोल्ड अपने नाम किया।
ऋषिकांत का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स
यह ऋषिकांत का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स था। उन्होंने ग्लासगो में पुरुषों के 60 किलो वेट में सिल्वर मेडल जीता। गोल्ड मलेशिया के अनीक कसदान के नाम रहा। इससे पहले वह बर्मिंघम 2022 में 55 किलो वेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऋषिकांत मौजूदा कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चौंपियनशिप के चौंपियन भी हैं।
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