कौन सा बोर्ड है चर्चा में?
- वेद भूषण → कक्षा 10 के समकक्ष
- वेद विभूषण → कक्षा 12 के समकक्ष
यह मान्यता एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) द्वारा पहले से दी गई समकक्षता पर आधारित है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने भी MSRVSSB को एक नियमित स्कूल बोर्ड के रूप में मान्यता प्रदान की है, जिससे इसके प्रमाण-पत्र अब केंद्रीय और राज्य बोर्डों के बराबर माने जाते हैं।
वैदिक शिक्षा का पाठ्यक्रम कैसा है?
- वेदों के मंत्र, श्लोक और उनके अर्थों का गहन अध्ययन तथा याद करना
- संस्कृत भाषा
- इसके अलावा कुछ आधुनिक विषय जैसे अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और कंप्यूटर की बेसिक पढ़ाई भी कराई जाती है।
AICTE के नियमों के अनुसार, बी.टेक में प्रवेश के लिए कक्षा 12 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स (PCM) पढ़ना अनिवार्य है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वैदिक बोर्ड के छात्र यदि यह योग्यता पूरी करते हैं, तो उन्हें अन्य छात्रों की तरह ही अवसर मिलेगा।
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इस फैसले से क्यों शुरू हुई बहस?
- कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में हर साल 30-40% सीटें खाली रह जाती हैं। ऐसे में निजी कॉलेज वैदिक बोर्ड के छात्रों को दाखिला देकर अपनी सीटें भर सकते हैं।
- इससे कॉलेजों की आय बढ़ेगी, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि वैदिक पाठ्यक्रम में आधुनिक विज्ञान और गणित पर कम जोर होता है (हालांकि PCM योग्यता पूरी करने की शर्त है)।
- कुछ रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख है कि पहले के समान निर्णयों (2022 में भी AICTE ने ऐसा ही निर्देश दिया था) पर सिलेबस की जांच न होने की आलोचना हुई थी।
यह फैसला वैदिक शिक्षा को मुख्यधारा की तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो हजारों छात्रों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा। हालांकि, प्रवेश प्रक्रिया में PCM जैसे विषयों में न्यूनतम योग्यता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण रहेगा।क्या आप इस फैसले से सहमत हैं? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं!



