Nitesh Narayan Rane: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश नारायण राणे के मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर विवाद छिड़ता नजर आ रहा है. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने नीतेश राणे के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मंत्री नीतेश राणे, असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा, यूपी के मंत्री रविंद्र जायसवाल, इन तीनों ने कहा है कि मदरसों को बंद कर देना चाहिए. मदरसों से आतंकवादी पैदा होते हैं. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या गांधी जी का हत्यारा मुसलमान था? राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की हत्या करने वाला मुसलमान था. क्या नेपाल नरेश के पूरे परिवार को खत्म करने वाला मुसलमान था. क्या श्रीलंका के राष्ट्रपति को मारने वाला मुसलमान था. एक भी मुसलमान नहीं था.
“तीनों मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए”
मौलाना (Shahabuddin Razvi) ने आगे कहा कि ऐसी कंडीशन में मुसलमान पर ये क्या इल्जाम लगा सकते हैं मुसलमानों पर. यह इतिहास को झुठला रहे हैं. इतिहास गवाह है कि 1857 से 1947 तक 1947 से 2025 तक मदरसे भारत के साथ सीना तान कर रखे रहे. हिंदू भाईयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ते रहे. इंकलाब ज़िंदाबाद का नारा इन्हीं मदरसों के उलेमा ने दिया था. भारत छोड़ो आंदोलन का नारा भी इन भारत के उलेमाओं ने दिया था. अंग्रेजों के खिलाफ फतेव जिहाद इन्हीं उलेमाओं ने दिया था. इन तीनों मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए ये लोग भारत की गंगा-जमुनी तहजीब को खराब कर रहे हैं.
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“किस दादा ने कहा कि वो किसी का मदरसा बंद कराएगा”
वहीं बिहार AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान (Akhtarul Iman) ने मंत्री नितेश राणे के मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि मैं यह कह रहा हूं कि उसके किस दादा ने कहा कि वो किसी का मदरसा बंद कराएगा. देश के पूर्वजों ने जो कानून बनाया है, डॉ. भीमराव अंबेडकर साहब ने जो संविधान हमको दिया है, उसका आर्टिकल 25 हमें धार्मिक आजादी देता है. हमारा सेकुलर भारत है. वो सेकुलरिज्म यह है कि अपने धर्म का पालन करने की पूरी-पूरी आपको आजादी होगी और दूसरे के धर्म का आदर करना आपकी जिम्मेदारी होगी. तो दूसरे के धर्मों का जो अनादर करें, ऐसे लोग जेल में होने चाहिए. मैं कह रहा हूं कि अपने धर्म का पालन कीजिए, दूसरे के धर्म का आदर कीजिए.



