Educated Service class: कामकाजी दुनिया में नौकरीपेशा लोगों के बीच नए ट्रेंड सामने आते रहते हैं, खासकर के निजी क्षेत्र में जो यह दर्शाते हैं कि लोग अपनी नौकरी और करियर को किस नजरिए से देख रहे हैं। हाल के समय में एक नया ट्रेंड तेजी से चर्चा में है, जिसे ‘जॉब हगिंग’ कहा जा रहा है। इसका अर्थ है कि कई कर्मचारी अपनी मौजूदा नौकरी से पूरी तरह संतुष्ट न होने के बावजूद उसे छोड़ना नहीं चाहते। वे नई नौकरी की तलाश करने के बजाय अपनी वर्तमान नौकरी में बने रहना ज्यादा सुरक्षित समझते हैं।
लोग जोखिम लेने से बच रहे हैं
दरअसल, बदलती आर्थिक परिस्थितियों और अनिश्चितता के माहौल ने कर्मचारियों की सोच को काफी प्रभावित किया है। पहले जहां लोग बेहतर अवसर या नई चुनौतियों की तलाश में आसानी से नौकरी बदल लेते थे, वहीं अब कई लोग जोखिम लेने से बच रहे हैं। वे नियमित वेतन, स्थिर आय और नौकरी की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि ‘जॉब हगिंग’ का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
भर्ती की धीमी रफ्तार एक कारण
इस ट्रेंड के पीछे सबसे बड़ा कारण नई भर्ती की धीमी रफ्तार है। कई कंपनियां खर्च कम करने और बाजार की स्थिति को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया को धीमा कर रही हैं। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता भी लोगों को सतर्क बना रही है। लगातार बढ़ती महंगाई के कारण भी लोग स्थिर आय को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल से भी कर्मचारियों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है।
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सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 75 प्रतिशत कर्मचारी 2027 तक अपनी मौजूदा नौकरी में बने रहने की योजना बना रहे हैं। वहीं 48 प्रतिशत लोग आर्थिक अनिश्चितता के कारण नौकरी बदलने से बच रहे हैं। इसके अलावा 27 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वेतन सबसे बड़ा कारण है, जबकि 26 प्रतिशत लोग नौकरी की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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