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Top 10 Assets जिनमें आम आदमी के लगे हैं करोड़ों अरबो रुपये लेकिन कोई भी लिस्टेड नहीं

Top 10 Assets

Business : दुनिया के Top 10 Assents में आम आदमी का करोडो, अरबों रुपये का निवेश हुआ है अब सबसे बड़े एसेट्स की ताजा रैंकिंग सामने आई है और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि Top 10 Assents में एक भी लिस्टेड कंपनी शामिल नहीं है. इस लिस्ट में रियल एस्टेट सबसे ऊपर है, जिसकी वैल्यू 671 ट्रिलियन डॉलर बताई गई है. इसके बाद तेल, चीनी युआन, गोल्ड और यूएस डॉलर जैसे एसेट्स आते हैं. यह सूची दिखाती है कि दुनिया की असली ताकत किसी एक कंपनी के मार्केट कैप में नहीं, बल्कि उन एसेट क्लासेज में छिपी होती है जो पूरी ग्लोबल इकॉनॉमी को चलाती हैं.

दुनिया की सबसे बड़ी एसेट क्लासेज की Top 10 Assents सूची जारी हुई है और इसमें कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं. सबसे बड़ी बात Top 10 Assents में एक भी लिस्टेड कंपनी जगह नहीं बना सकी है. इसका साफ मतलब है कि चाहे Assets Companies दुनिया पर कितना ही असर डालती हों, उनकी वैल्यू अभी भी उन एसेट क्लासेज के सामने छोटी है जो ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम की रीढ़ मानी जाती हैं.

रियल एस्टेट- $671 ट्रिलियन
यह सबसे बड़ा एसेट है, जो दुनिया की कुल संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा बनाता है. घर, जमीन और कमर्शियल प्रॉपर्टी-ये सब मिलकर ग्लोबल फाइनेंस की असली ताकत हैं. अकेला रियल एस्टेट पूरी दुनिया की ळक्च् का कई गुना है.

तेल (Oil)- $108 ट्रिलियन
ऊर्जा की जान, और कई देशों की अर्थव्यवस्था की नींव. तेल की वैल्यू ट्रिलियनों में होना कोई हैरानी नहीं है. भू-राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक-सब पर तेल का प्रभाव है.

चीनी युआन- $48 ट्रिलियन
चीन की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर कैश फ्लो और रिज़र्व पर चलती है. युआन का आकार इसे ग्लोबल फाइनेंशियल स्ट्रक्चर में तीसरी सबसे बड़ी एसेट क्लास बनाता है.
गोल्ड- $33 ट्रिलियन
गोल्ड सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे भरोसेमंद सेफ-हेवन है. महंगाई, युद्ध, अनिश्चितता-हर संकट में इसका मूल्य बढ़ता है. हाल ही में गोल्ड ने फिर रिकॉर्ड हाई बनाया है.
अमेरिकी डॉलर- $22 ट्रिलियन
दुनिया की प्रमुख रिजर्व करेंसी होने के कारण यूएस डॉलर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है. इंटरनेशनल ट्रेड का बड़ा हिस्सा डॉलर में ही होता है.

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यूरो- $18 ट्रिलियन
यूरोप की साझा मुद्रा अंतरराष्ट्रीय लेनदेन का एक बड़ा स्तंभ है. यूरो की ताकत म्नतव्रवदम की अर्थव्यवस्था पर आधारित है.
कॉपर- $16 ट्रिलियन
भले कॉपर धातुओं की दुनिया में शांत दिखता हो, लेकिन बिजली, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्री में इसकी मांग बहुत बड़ी है. यही वजह है कि यह दुनिया के टॉप एसेट्स में शामिल है.
नेचुरल गैस- $11 ट्रिलियन
ऊर्जा का एक और बड़ा स्तंभ. रूस, अमेरिका और कतर जैसे देश इसके बड़े खिलाड़ी हैं. आधुनिक अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका बढ़ती जा रही है.
यह तथ्य बेहद दिलचस्प है कि ।चचसम (लगभग $3 ट्रिलियन मार्केट कैप) और डपबतवेवजि जैसी कंपनियां भी इन एसेट्स की टक्कर में बेहद छोटी दिखती हैं. इससे पता चलता है कि ग्लोबल वित्तीय शक्ति अभी भी एसेट क्लासेज के हाथ में है, न कि कंपनियों के,रियल एस्टेट, तेल और गोल्ड जैसी चीजें पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की असली नींव हैं. कंपनियां बदलती रहती हैं, लेकिन एसेट्स की वैल्यू कायम रहती है

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