Business Deal: ग्लोबल इंवेस्टमेंट फर्म L Catterton के हल्दीराम स्नैक्स फूड प्राइवेट लिमिटेड में हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने एक बयान में कहा, ’’प्रस्तावित डील में L Catterton इंडिया फंड द्वारा हल्दीराम स्नैक्स फूड प्राइवेट लिमिटेड (टारगेट) की कुछ शेयरहोल्डिंग का अधिग्रहण शामिल है।’’ एल कैटरटन इंडिया फंड, एल कैटरटन इंडिया ट्रस्ट की एक योजना है, जो एक सेबी-रजिस्टर्ड अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट फंड है, जो भारत में निवेश करता है।
बड़ा और दिग्गज नाम है हल्दीराम
हल्दीराम स्नैक्स फूड प्राइवेट लिमिटेड देश की एक बड़ी और दिग्गज कंपनी है, जो पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स जैसे नमकीन, मिठाइयां, रेडी-टू-ईट फूड प्रोडक्ट्स, डेयरी प्रोडक्ट्स, बेकरी प्रोडक्ट्स, चॉकलेट और नॉन-कार्बोनेटेड रेडी-टू-ड्रिंक बेवरेज की मैन्यूफैक्चरिंग और बिक्री में शामिल है। दिसंबर 2025 में, एल कैटरटन ने कहा कि उसने हल्दीराम के साथ एक स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की है और देश के लीडिंग स्नैक्स और फूड ब्रांड में हिस्सेदारी हासिल की है। 2025 में, हल्दीराम ने तीन स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टर्स- सिंगापुर की ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म टेमासेक, अल्फा वेव ग्लोबल और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी को हिस्सेदारी बेची थी।
L Catterton के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं HUL के पूर्व MD
भारत में एल कैटरटन का नेतृत्व HUL (हिंदुस्तान यूनिलीवर) के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव मेहता करते हैं- जो अब इसके एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। L Catterton को दुनिया भर में पैकेज्ड फूड सेक्टर में ब्रांड बनाने का काफी अनुभव है। अप्रैल 2025 में, दिल्ली की कंपनी हल्दीराम स्नैक्स और नागपुर की कंपनी हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल ने पैकेज्ड स्नैक्स बिजनेस को मर्ज करके हल्दीराम स्नैक्स फूड बनाया गया था। जानकारी के अनुसार एक निश्चित सीमा से ज्यादा वैल्यू वाले डील के लिए रेगुलेटर से मंजूरी की जरूरत होती है, जो गलत बिजनेस प्रैक्टिस पर नजर रखता है और साथ ही बाजार में सही कॉम्पिटिशन को बढ़ावा देता है।
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