India Mining Sector: भारत का खनन क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक प्रगति का बड़ा आधार बन सकता है. डेलॉयट और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, यदि आधुनिक तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और टिकाऊ खनन प्रणालियों को तेजी से अपनाया जाए, तो यह क्षेत्र 2047 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त 500 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इससे करीब 2.5 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी. बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार के चलते खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे खनन उद्योग परिवर्तन के दौर में प्रवेश कर चुका है.
2047 के आर्थिक लक्ष्य में खनन क्षेत्र की बड़ी भूमिका
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है और इसमें खनन क्षेत्र अहम भूमिका निभा सकता है. वर्तमान में खनन उद्योग का देश की जीडीपी में सीधा योगदान लगभग 2 से 3 प्रतिशत है, लेकिन यह इस्पात, सीमेंट, ऑटोमोबाइल, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बड़े उद्योगों की रीढ़ भी माना जाता है.
‘माइनिंग 5.0’ की ओर बढ़ रहा भारत
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय खनन उद्योग अब ‘माइनिंग 4.0’ से आगे बढ़कर ‘माइनिंग 5.0’ मॉडल की ओर बढ़ रहा है. जहां ‘माइनिंग 4.0’ ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीकों पर आधारित था, वहीं ‘माइनिंग 5.0’ में एआई, एडवांस एनालिटिक्स, डिजिटल ट्विन और इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सिस्टम का उपयोग होगा. इसका उद्देश्य खनन को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और उत्पादक बनाना है.
डिजिटल एकीकरण सबसे बड़ी चुनौती
रिपोर्ट में बताया गया है कि कई भारतीय खनन कंपनियां अलग-अलग डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रही हैं, लेकिन उन्हें एकीकृत प्लेटफॉर्म पर जोड़ने में चुनौतियां बनी हुई हैं. यदि योजना, उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा और रख-रखाव को एक डिजिटल सिस्टम से नहीं जोड़ा गया, तो तकनीकी निवेश का पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा.
एआई और स्मार्ट तकनीकें बदलेंगी भविष्य
रिपोर्ट के अनुसार, एआई आधारित सुरक्षा सिस्टम, स्वचालित खनन संचालन, रियल टाइम मॉनिटरिंग और हाइब्रिड क्लाउड-एज इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले समय में भारतीय खनन क्षेत्र की नई पहचान बनेंगे. साथ ही, नीतिगत सुधार, आत्मनिर्भर भारत अभियान और महत्वपूर्ण खनिजों की बढ़ती मांग इस क्षेत्र को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.



