India- Pakistan : कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढी दूरियां धीरे धीरे कटुता में बदल गई हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद और भारत द्वारा पाक से सिंधु जल संधि को स्थागित कर दिए जाने से पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जंग छेडने की बात कहना शुरु कर दिया है। ऐसे हालात में भारत-पाकिस्तान के बीच बिगडे रिश्तों को सुधारने की दिशा में दोनों देशों की 117 हस्तियों ने पीएम मोदी और पाक पीएम शहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखकर एक सकरात्मक पहल की है। चिट्ठी में कहा गया है कि टकराव नहीं, बातचीत का रास्ता चुनिए, ताकि दक्षिण एशिया में शांति और विकास का माहौल बन सके।
संबंधों में तनाव
यह पहल ऐसे समय में की गई है जब हाल के महीनों में भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बना हुआ है। इनका कहना है कि लगातार बढ़ती शत्रुता से दोनों देशों के विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं। बता दें कि इन 117 हस्तियों में पूर्व अधिकारी, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 61 लोगों और पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत 56 लोगों ने चिट्ठी पर साइन किए हैं।
देश में नकरात्मक प्रभाव
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता, लोगों में आपसी संपर्क, व्यापार, सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद है जिससे दोनों देशों के बीच समन्वय, सौहार्द का नुकसान हो रहा है। जानकारों की मानें तो भारत पाकिस्तान के बीच तनाव से अप्रत्यक्ष रुप से देश की साम्प्रदायिक सौहार्द के वातावरण पर भी नकरात्मक प्रभाव पडा है। अगर दोनों देशों की हस्तियों की चिट्ठी का असर हुआ तो यह देश में फैलते साम्प्रदायिक माहौल पर भी असर डालेगा। केन्द्र में भाजपा सरकार को भी इससे राजनीतिक लाभ मिलने की संभावना है क्योंकि देश के मुस्लिम वर्ग में फैली भाजपा की मुस्लिम विरोधी छवि भी कम होगी।
दोनों देशों के बीच कब से बनी हैं दूरियां
-2 जनवरी 2016 के पठानकोट आतंकी हमले के बाद व्यापक द्विपक्षीय वार्ता लगभग ठप हो गई।
-18 सितंबर 2016 (उरी हमले) के बाद कलाकारों के आदान-प्रदान और अधिकांश सांस्कृतिक कार्यक्रम लगभग बंद हो गए। विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग भी बहुत सीमित है।
-5 अगस्त 2019 को भारत ने अनुच्छेद 370 हटाया। इसके बाद पाकिस्तान ने द्विपक्षीय बातचीत और कूटनीतिक रिश्तों को सीमित कर दिया।
-अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान ने अपना हाई कमिश्नर वापस बुला लिया। भारत ने भी अपना हाई कमिश्नर वापस बुला लिया था। तब से दोनों देशों में पूर्णकालिक हाई कमिश्नर नहीं हैं।
-समझौता एक्सप्रेस और थार एक्सप्रेस अगस्त 2019 से बंद हैं। दिल्ली-लाहौर बस सेवा भी बंद है। अटारी-वाघा बॉर्डर से सामान्य नागरिक आवाजाही अप्रैल 2025 से प्रभावित है। करतारपुर कॉरिडोर, जो 9 नवंबर 2019 को खुला था, हालिया तनाव के कारण कई बार प्रभावित रहा है।
-9 अगस्त 2019 को पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार निलंबित कर दिया। तब से सीमित वस्तुओं को छोड़कर सामान्य व्यापार लगभग बंद है।
-25 फरवरी 2021 को दोनों देशों ने एलओसी पर 2003 के सीजफायर समझौते का फिर से पालन करने पर सहमति जताई। लेकिन आतंकी घटनाओं के बाद तनाव बना हुआ है।
-22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों ने नागरिकों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए और वीजा सर्विस बंद कर दी गई।
-24 अप्रैल 2025 के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। तब से सीधी उड़ानें बंद हैं।
-24 अप्रैल 2025 के बाद अधिकांश वीजा सेवाएं निलंबित कर दी गईं और कई नागरिकों को वापस लौटना पड़ा।
-भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी। इसके बाद दोनों टीमें सिर्फ आईसीसी और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में मिली हैं।
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