US-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अपने AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर के गिराए जाने के बाद ईरान पर जवाबी हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की बात कही है. इस बीच जॉर्डन, बहरीन और खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हेलिकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया, हालांकि दोनों पायलट सुरक्षित हैं. दूसरी ओर एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हेलिकॉप्टर एक ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. मामले की जांच जारी है.
“अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना”
ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा जास्क, केश्म द्वीप, मीनाब, बंदर अब्बास और सीरिक समेत कई क्षेत्रों में किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई है.
“5 ईरानी मिसाइलों को मार गिराया”
जॉर्डन की सेना ने बुधवार को बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया.सेना के अनुसार. मिसाइलें अल-अजराक क्षेत्र की ओर बढ़ रही थीं. इंटरसेप्शन के बाद मलबा कई स्थानों पर गिरा, लेकिन किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है.
“अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया”
ईरान ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी ईरान के जाम क्षेत्र में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है. तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक घटना का एक वीडियो भी सामने आया है. हालांकि अमेरिकी सेना ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए.गृह मंत्रालय ने नागरिकों से शांत रहने और नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की. यह अलर्ट उस समय जारी हुआ जब ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया.
अमेरिका बोला- ईरान पर जवाबी कार्रवाई पूरी
CENTCOM ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान पूरा हो चुका है. अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडार ठिकानों को सटीक हथियारों से निशाना बनाया.अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई.
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