Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस(TMC) ताश के पत्तों की तरह बिखर गई है. पार्टी के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय की घोषणा की है. इससे पहले बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर उन्हें एक पत्र सौंपा था, उन्होंने संसद में बैठने के लिए अलग से जगह देने की मांग की थी.TMC के बागी सांसदों का NCPI में विलय पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आई है. कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने कहा कि सबसे पहले मुझे हंसी आ रही है क्योंकि यह नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया है एक ऐसा ऑर्गनाइज़ेशन जिसके बारे में मैंने अब तक सुना भी नहीं है. दूसरा TDP जो आंध्र प्रदेश से है उनके जो विधायक या सांसद बोल रहे हैं कि वे महाराष्ट्र में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ मिल रहे हैं. तो इस देश में क्या हो रहा है?
शमा मोहम्मद ने आगे कहा कि मैं ये कहना चाहती हूं कि ये जो सांसद है वो इस्तीफा दे और जो नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ़ इंडिया के सिंबल है उनके चेहरे से पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़े. उन्हें इस्तीफ़ा देने और हिम्मत दिखाने की ज़रूरत है.
“दुनिया हस रही होगी”
RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि इस पार्टी का नाम देश के किसी व्यक्ति ने कल से पहले सुना था क्या? ये हमारे लोकतंत्र के लिए अवसाद का क्षण है. ये तौर तरीके अगर सामान्य हो गए तो कहां का लोकतंत्र? जिस पार्टी को विधानसभा में 800 वोट मिला उसे रातों-रात 20 सांसद मिल गए. दुनिया हस रही होगी. भले किसी को लग रहा होगा कि मैं बड़ा चाणक्य हूं,बहुत बड़ा चाणक्य हूं लेकिन आपकी चाणक्यगिरी में भारतीय लोकतंत्र ऐसी हास्यास्पद परिस्थिति में पहुंचा दिया गया कि हमारे बारे में लोगों की धारना कितनी बदल गई ये चिंता का सबब होना चाहिए.
“उन्होंने अपनी इज्ज़त खो दी है”
TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि यह दुख की बात है. TMC सांसद एक अनजान पार्टी में शामिल हो गए हैं. उन्होंने अपनी इज्ज़त खो दी है, मैं क्या कह सकता हूं? NCPI तो कोई जानी-मानी पार्टी भी नहीं है. यह बंगाल में रजिस्टर्ड है लेकिन इसने त्रिपुरा में कैंडिडेट दिया. इसके साथ मर्ज होने से क्या फ़र्क पड़ता है? उन्होंने एंटी-डिफेक्शन लॉ से बचने के लिए इस तरह मर्ज किया.
यह भी पढ़ें: “फैज़ल खान झूठा-षड्यंत्रकारी, भाई की हत्या का बदला लूंगा…” रोशन आनंद ने खान सर पर लगाए गंभीर आरोप



