Teejan Bai Passes Away: छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली तीजन बाई का निधन हो गया है. 70 साल की उम्र में उन्होंने रायपुर के एम्स में शनिवार रात 3.15 बजे अंतिम सांस ली. भारतीय लोक कला में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. रविवार सुबह 11 बजे के करीब तीजन बाई के शव को उनके पैतृक गांव गनियारी लाया गया है, जहां आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके दुर्ग स्थित आवास पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए.तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई. उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं.
सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 5, 2026
मुख्यमंत्री ने भी जताया दुख
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव सायं ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अमर गाथाकार, पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी कलाकार डॉ. तीजन बाई के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. उनका निधन न केवल लोककला जगत के लिए, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ तथा समस्त देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. अपने अद्वितीय गायन शैली, विलक्षण प्रतिभा और लोक परंपराओं के संरक्षण के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया. उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा.प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकसंतप्त परिजनों, असंख्य प्रशंसकों और समस्त लोककला जगत को इस गहन दुख को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें.
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अमर गाथाकार, पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी कलाकार डॉ. तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
उनका निधन न केवल लोककला जगत के लिए, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ तथा समस्त देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अपने अद्वितीय…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) July 5, 2026
“हम सभी को गहरा आघात लगा है”
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजन बाई के निधन से हम सभी को गहरा आघात लगा है मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें. उनके परिजन और चाहने वालों को ईश्वर ये दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. यह देश के लिए और छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है.
“1 महीने सात दिन तक अस्पताल में रखा गया”
तीजन बाई की बहू वेणु देशमुख ने कहा कि उन्हें एक महीने और सात दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा गया था. शुरुआत में उनकी हालत में सुधार हुआ था, लेकिन ICU से बाहर लाए जाने के बाद उनकी हालत फिर बिगड़ गई. हालत गंभीर होने पर उन्हें वापस ICU में शिफ्ट किया गया. पिछले दो दिनों से वे कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थीं. हम सभी परेशान थे. परिवार के कई सदस्य उनके साथ अस्पताल में थे. उन्होंने AIIMS रायपुर में सुबह करीब 3:15 बजे आखिरी सांस ली. हमें सुबह इसकी सूचना मिली.
” राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा”
दुर्ग ज़िला कलेक्टर अभिजीत सिंह ने लोक गायिका तीजन बाई के निधन पर कहा कि उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक स्थान पर लाया गया है. उनके अंतिम संस्कार के लिए परिवार के सदस्य, ग्रामीण और जन-प्रतिनिधि इकट्ठा हुए हैं. छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषणा की है कि उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: राम मंदिर से आभूषण चुराकर बनवा लिए सोने के बिस्कुट? SIT को अंदेशा, आपस में बांटी जाती थी चोरी की रकम



