Yadav Ji Ki Love Story Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने आने वाली फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” का टाइटल बदलने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी है.अर्जी में कहा गया था कि नाम से एक गलत छवि बनती है और यादव समुदाय को गलत तरीके से दिखाया गया है.पिटीशनर ने कहा था कि फिल्म का टाइटल समुदाय की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है और मौजूदा नाम से इसकी रिलीज पर रोक लगाने के लिए निर्देश मांगे थे. चुनौती को खारिज करते हुए, कोर्ट ने कहा कि जताई गई आशंकाएं बेबुनियाद थीं.
SC ने खारिज की रिट पिटीशन
बीवी नागरत्ना की अगुवाई वाली बेंच ने देखा कि फिल्म के टाइटल में यादव समुदाय के खिलाफ कोई भी एडजेक्टिव या एक्सप्रेशन नहीं था. कोर्ट ने घूसखोर पंडित में अपने पहले के फैसले से अलग यह कहते हुए कहा कि “घूसखोर” (मतलब भ्रष्ट) शब्द एक समुदाय के लिए एक साफ नेगेटिव बात जोड़ता है, जो यहां नहीं था. कोर्ट ने माना कि संविधान के आर्टिकल 19(2) के तहत कोई भी सही रोक नहीं लगती, क्योंकि टाइटल में समुदाय को किसी भी तरह से गलत तरीके से नहीं दिखाया गया था, और इसलिए रिट पिटीशन खारिज कर दी.
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रिलीज से पहले विवादों में घिरी फिल्म
बता दें कि 27 फरवरी को रिलीज होने वाली फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर यादव समाज आपत्ति जता रहा है. यादव समाज ने चेतावनी दी है कि किसी भी सिनेमाघर में इस फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा. फिल्म कहानी को लव जिहाद से जोड़कर देखा जा रहा है. कहानी में लड़की यादव समाज की है और लड़का मुस्लिम बताया गया है. फिल्म पर कई राजनेताओं ने आपत्ति जताई है.
इसी कड़ी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि पूरी तरह से भाजपा सरकार जातिगत भावनाओं को उठाने और भड़काने में लगी है. पहले हिंदू-मुस्लिम किया गया, अब हिंदू समाज के अंदर भी आपस में लड़ाने का काम किया जा रहा है. पहले ‘घूसखोर पंडित’ का नाम दिया गया, अब यादवों के नाम से फिल्म लाई जा रही है. जातिगत भावनाओं के जरिए पूरी सरकार देश को बर्बाद कर रही है.



