Nitin Nabin News: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिल्ली रवाना होने से पहले पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, जो 2004-14 के बीच नेशनल एडवाइजरी काउंसिल के ज़रिए सुपर पीएम बनकर समानांतर सरकार और कैबिनेट का संचालन करना, निश्चित रुप से कांग्रेस के कॉम्प्रोमाइज़ पीएम मिशन को पूरा कर रही थीं. उसी काल खण्ड में, राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन सरकार और जॉर्ज सोरोस के नेटवर्क से फंडिंग कराना किस कॉम्प्रोमाइज़ मिशन के तहत किया गया.
“राहुल गांधी विदेशी ताकतों की कठपुतली की तरह काम करते हैं”
नितिन नबीन (Nitin Nabin) ने आगे कहा कि अब इंदिरा गांधी पर आते हैं, जिन्होंने लगातार अपनी एक बड़ी छवि बनाई. लेकिन हम सब जानते हैं कि अमेरिकी राजदूत मोयनिहान ने माना था कि CIA ने कांग्रेस पार्टी को चुनाव में प्रचार करने के लिए पैसा दिया. शिमला समझौता जिसमें 93 हजार पाकिस्तानी सैनिक को बिना POK पर कब्जा लिए हुए छोड़ देना, आखिर किस समझौता मिशन के तहत किया गया. उन्होंने कहा कि मैं आपके सामने नेहरू-गांधी परिवार की समझौते की कहानी पेश कर रहा हूं कि कैसे इस परिवार ने एक समझौता मिशन चलता रहा, देश के लोगों के हितों से समझौता किया और हमेशा अपने हितों की रक्षा पर कैसे नेहरू-गांधी परिवार ने काम किया है.
उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ कुछ जानकारी साझा कर रहा हूं. एक समय था जब जवाहरलाल नेहरू ने खुद कहा था कि 45 करोड़ जनता मेरे बोझ हैं. उनका विदेशी ताकतों के साथ किस प्रकार का संबंध था, हम सब जानते है और अभी के जो बब्बर शेर बन रहे हैं, आपने राहुल गांधी को भी देखा है, कि कैसे वह विदेशी ताकतों की कठपुतली की तरह काम करते हैं. हम सब जानते हैं कि कैसे नेहरू ने 1954 में तिब्बत में भारत के अधिकार चीन को सौंप दिए थे.
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“पर्सनल बैंक अकाउंट्स को मज़बूत करने का माध्यम बनाया”
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष(Nitin Nabin) ने कहा कि अगर आप राजीव गांधी के कॉम्प्रोमाइज़ मिशन को देखेंगे, तो आप देख सकते हैं कि कैसे अपने रक्षा सेवा डील्स का इस्तेमाल पर्सनल बैंक अकाउंट्स को मज़बूत करने का माध्यम बनाया गया. अब आते हैं जो नेगेटिव पॉलिटिक्स के पोस्टर बॉय हैं राहुल गांधी. उन्होंने 247 से ज़्यादा विदेश यात्राएं कीं, लेकिन इनमें से ज़्यादातर यात्राओं के बारे में सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी नहीं देना, आखिर यह किस कॉम्प्रोमाइज़ मिशन के तहत किया जा रहा था? विदेश जाना, भारत विरोधी इल्हान उमर और जॉर्ज सोरोस जैसे करीबी लोगों से मिलना और उनके इशारे पर भारत में ओछी राजनीति करना यह किस मिशन के तहत हो रहा था?



