Shankaracharya Avimukteshwaranand News: ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपने वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा है. नोटिस में साफ तौर कहा गया है कि अगर मेला प्रशासन से जुड़ा 19 जनवरी नोटिस 24 घंटे के भीतर वापस नहीं लिया गया, तो सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कानूनी नोटिस के मुताबिक 19 जनवरी को नोटिस स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिष्ठा, सम्मान, गरिमा और उनके आर्थिक स्त्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है. इस नोटिस को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है.
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि स्वभाविक तौर पर देखिए ये देश कहां जा रहा है? एक तरफ सत्ता में बैठे लोग हिंदुत्व की बात करते हैं और हिंदू के सनातन धर्म के सबसे बड़े संत शंकराचार्य से ये पूछते हैं कि आप शंकराचार्य कैसे बनें? मतलब अब सरकार बताएगी, योगी जी बताएंगे. योगी बताएं कि वो अपने मठ के सरंक्षक कैसे बन गए? अब शंकराचार्य से नोटिस देकर ये पूछना कि आप शंकराचार्य कैसे बनें? हमें लगता है कि ये देश कहां जा रहा है?
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“मैं शंकराचार्य से मिलूंगा”
संगम घाट पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य की अधिकारियों के साथ हुई झड़प पर उत्तर प्रदेश विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार हुआ, उसके बारे में जानकारी लेने के लिए मैं शंकराचार्य से मिलूंगा. मैं उनसे बात करके समझूंगा कि असल में क्या हुआ था?”
“ये संत समाज का मैटर है”
वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ‘शंकराचार्य’ की उपाधि के इस्तेमाल को लेकर भेजे गए नोटिस पर कहा कि सरकार को आप क्यों कह रहे हैं? योगी जी ने तो जवाब नहीं दिया न? किसने ये प्रमाण पूछा है योगी जी उस पर ध्यान देंगे और मुझे लग रहा है कि किसी को पूछने का अधिकार नहीं है. ये संत समाज का मैटर है. कोई अधिकारी ये जुर्रत दिखाई, ये तो मुझे योगी जी पर विश्वास है कि उस पर कार्रवाई करेंगे.



