Shakeel Ahmad: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शकील अहमद इन दिनों कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर की बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में है. उन्होंने राहुल गांधी को डरपोक नेता बताया था. अब उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व उनके पटना और मधुबनी स्थित आवास पर हमले की साजिश रच रहा है.
शकील अहमद ने हमले की साजिश का दावा किया
शकील अहमद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि कांग्रेस के कुछ साथियों ने गुप्त रूप से मुझे खबर किया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस युवा कांग्रेस को यह आदेश दिया है कि कल दिनांक 27 जनवरी को पुतला दहन के बहाने मेरे पटना और मधुबनी निवास पर आक्रमण किया जाए. यह जनतंत्र के सिद्धांत के खिलाफ है. वहीं उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि युवा कांग्रेस के साथियों ने फोन पर बताया कि आपके घर पर अटैक करने का कल दिल्ली से आदेश आया है.
पटना और मधुबनी वाले घर पर अटैक होगा. मैंने प्रशासन को खबर कर दी है. यूथ कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से ऑर्डर निकाल दिया कि शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर हम शकील जी का पुतला जलाएंगे और विरोध करेंगे. पुतला तो आप जला दीजिए. वैसे पुतला जलाने में भी मुझे आपत्ति है, मैं मुस्लिम हूं मुझे खत्म करना है तो मुझे दफन करना होगा. पुतला जलाने से तो मेरा धर्म भ्रष्ट कर रहे हैं यह लोग. शकील अहमद के आरोप के बाद राजनीति तेज हो गई है. जिसपर कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है.
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” यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है”
पूर्व कांग्रेस नेता डॉ. शकील अहमद के इस दावे पर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन यह कांग्रेस की इमरजेंसी वाली सोच का संकेत है. कांग्रेस पार्टी असहमति बर्दाश्त नहीं कर सकती. कांग्रेस पार्टी की टॉप लीडरशिप ने शकील अहमद को नुकसान पहुंचाने का आदेश दिया है.
“गंभीर विचार करने की आवश्यकता है”
पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद के दावे और कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के कांग्रेस द्वारा अल्पसंख्यकों को नजरअंदाज करने के आरोप पर वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद मजीद मेमन ने कहा कि यह दोनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं. पिछले कई वर्षों से जुड़े हैं. खामोशी से पार्टी का काम करते आए हैं. दोनों का यह मानना है कि उन्हें साइड किया गया है. उन्हें कोई अहमियत नहीं दी गई, उन्हें इग्नोर किया जा रहा है. कांग्रेस में इस पर विचार करने की आवश्यकता है बजाए इसके कि कुछ युवा कांग्रेस के नेता उनके घर पर अटैक करें या धमकी दें. यह लोकतांत्रिक कार्य से अलग है खरगे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी को इस विषय में गंभीर विचार करने की आवश्यकता है.



