NEET Leak Case: नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार को घेरा है. राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द नहीं हुई. मंत्री ने इस्तीफ़ा नहीं दिया. CBI ने जांच बिठाई. एक कमेटी बनी.
2026 में NEET का पेपर लीक हुआ. परीक्षा रद्द हुई. मंत्री ने फिर इस्तीफ़ा नहीं दिया. CBI फिर जांच कर रही है. एक और कमेटी बनेगी. पीएम मोदी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है- जवाब दो! बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? बार-बार इस “परीक्षा पे चर्चा” पर आप चुप क्यों हैं?
बार-बार फेल हो रहे शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं?
NEET 2024:
पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफ़ा नहीं दिया। CBI ने जांच बिठाई। एक कमेटी बनी।NEET 2026:
पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने फिर इस्तीफ़ा नहीं दिया। CBI फिर जाँच कर रही है। एक और कमेटी बनेगी।मोदी जी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है – जवाब…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 17, 2026
“जवाबदेही से दूर भागने की मशीन है”
इससे पहले शनिवार को राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मोदी सरकार में ज़िम्मेदारी नहीं होती- सिर्फ़ जालसाज़ी का एक तय फ़ॉर्मूला है. पहले लंबी खामोशी, फिर गुनहगारों को संरक्षण, फिर सवाल पूछने वालों पर हमला. NEET पेपर लीक हुआ- एक भी मंत्री ने इस्तीफ़ा नहीं दिया. 2024 में NTA DG को “हटाया” – अब मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बना दिया. यह सरकार जवाबदेही लेने वाली नहीं-जवाबदेही से दूर भागने की मशीन है. कांग्रेस गांधी ने एक ओर एक्स पोस्ट में लिखा धर्मेंद्र प्रधान ने 22 लाख NEET बच्चों के साथ धोखा किया है. साथ ही, संसद का भी अपमान किया है- संसदीय समिति की रिपोर्ट को सिर्फ़ इसलिए ख़ारिज कर दिया क्योंकि उसमें विपक्ष के सांसद हैं. जो संसद पर ही भरोसा नहीं करते, वो NEET सुधार पर क्या भरोसा करेंगे? धर्मेंद्र प्रधान को अभी हटाइए.
राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार
भाजपा नेता आरपी सिंह ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर कहा कि राहुल गांधी केवल राजनीति करते हैं. सरकार ने इसपर CBI जांच के आदेश दे दिए हैं. दोषियों की गिरफ्तारी होना शुरू हो गई है. आगे ऐसा फिर से ना हो, इसके लिए सरकार चिंता कर रही है.
पेपर लीक पर AAP ने भी केंद्र सरकार को घेरा
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि 22 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया है, फिर भी किसी की कोई जवाबदेही नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी के शासन में 93 पेपर लीक हुए हैं, जिनमें से ज़्यादातर BJP-शासित राज्यों में हुए. अंशिका पांडे नाम की एक लड़की थी, वह परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही थी. पिछली बार वह सिर्फ़ चार अंकों से चयन से चूक गई थी। उसे ज़रूर बहुत उम्मीद रही होगी कि इस बार उसका चयन हो जाएगा, लेकिन जब परीक्षा रद्द हो गई, तो उसने आत्महत्या कर ली. यह एक हत्या है, जो हमारे नौजवानों की हत्या हो रही है उसके लिए जिम्मेदार कौन है? पेपर लीक पर कानून जरूर बना है लेकिन वह इतना प्रभावी नहीं है जिसके कारण निरंकुश होकर पेपर लीक का धंधा चल रहा है.



