NITI Aayog Report: देश में युवाओं की पढ़ाई, रोजगार और स्किलिंग को लेकर नीति आयोग ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है. जिसपर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि हम पहले से ही जानते हैं कि पिछले 40 सालों में बेरोज़गारी की दर सबसे ज़्यादा है. यह साफ़ है कि युवाओं में बहुत बेचैनी, निराशा और हताशा है. हमने इसे छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों में देखा है. यह एक नाकाम शिक्षा व्यवस्था और पिछले 12 सालों में नौकरी के अवसर पैदा न होने का नतीजा है. मैन्युफैक्चरिंग पर कोई ज़ोर नहीं दिया गया. MSME पर कोई ज़ोर नहीं दिया गया. कुछ ऐसी नीतियां हैं जो छोटे व्यवसायों, नौकरी देने वालों और यहां तक कि कृषि क्षेत्र को भी कमज़ोर कर रही हैं. मुझे लगता है कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे हम कुछ समय से उठाते रहे हैं.
चिंता बढ़ाने वाली नीति आयोग की रिपोर्ट
दरअसल, नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट चिंता बढ़ाने वाली है. दरअसल, रिपोर्ट के मुताबिक, 15 से 29 साल की उम्र में करीब 8.7 करोड़ भारतीय युवा ऐसे हैं, जो न पढ़ाई कर रहे हैं, न काम कर रहे हैं और न ही किसी तरह की कोई ट्रेनिंग ले रहे हैं. आयोग ने कौशल विकास और रोजगार के मोर्चे पर इसे बड़ी चुनौती बताया है. साथ ही युवाओं के लिए सस्ती या सब्सिडी वाली ट्रेनिंग, स्वरोजगार के अवसर और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से स्किलिंग कार्यक्रम बढ़ाने की जरूरत बताई है. Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047 के नाम से नीति आयोग ने यह रिपोर्ट जारी की है. इसमें 8.7 करोड़ युवाओं का अनुमान 2021 में हुए नेशनल सैंपल सर्वे के 78वें दौर के आंकड़ों के आधार पर लगाया गया है. रिपोर्ट में भारत के वर्कफोर्स और लर्नर्स को 5 प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है. इसमें स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, औपचारिक और अनौपचारिक रोजगार, शिक्षा-रोजगार ट्रेनिंग से NEET युवा और महिलाएं शामिल है.
नीति आयोग की ओर से कहा गया है कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नागरिकों को लगातार सीखने, कमाने और आगे बढ़ने के अवसर देने होंगे. इस लक्ष्य में स्किलिंग की भूमिका बेहद अहम है. आयोग के मुताबिक, 2014-15 से अब तक 7.67 करोड़ से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है. हालांकि रिपोर्ट ने यह साफ किया है कि आने वाले समय में स्किलिंग को रोजगार, स्वरोजगार, स्थानीय मांग और उभरते क्षेत्रों में ज्यादा मजबूती से जोड़ने की जरूरत है.
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